77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर भारत का भव्य शक्ति प्रदर्शन, सैन्य ताकत और सांस्कृतिक गौरव की दिखी झलक
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ ने देखा भारत का पराक्रम। 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष की थीम और 'ऑपरेशन सिंदूर' के हथियारों के साथ 'भैरव बटालियन' की दिखी पहली झलक।Puja Sahu
नई दिल्ली: देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर कर्तव्य पथ पर भारत की बदलती तस्वीर, अदम्य सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में आयोजित इस समारोह की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पर आधारित रही। परेड के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल किए गए घातक हथियारों और नई सैन्य इकाइयों ने दुनिया को भारत की सामरिक मजबूती का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि और ऐतिहासिक शुरुआत
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'राष्ट्रीय युद्ध स्मारक' पर शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी पारंपरिक बग्घी में मुख्य अतिथियों—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कर्तव्य पथ पहुँचीं।
समारोह के मुख्य आकर्षण
1. 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष:
इस वर्ष की परेड की मुख्य थीम 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' पर आधारित थी। 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत के सम्मान में कर्तव्य पथ को विशेष रूप से सजाया गया था। परेड के अंत में 'वंदे मातरम' की विशाल बैनर प्रदर्शनी ने दर्शकों में जोश भर दिया।
2. ऑपरेशन सिंदूर का शौर्य:
परेड में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र 'ऑपरेशन सिंदूर' (मई 2025) में इस्तेमाल किए गए हथियारों के मॉडल रहे। पहली बार एक विशेष 'त्रि-सेवा झांकी' के माध्यम से इस ऑपरेशन की जीत को दर्शाया गया।
हथियार: ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और S-400 मिसाइलों के साथ-साथ 'सूर्यास्त्र' रॉकेट लॉन्चर ने भारत की मारक क्षमता का प्रदर्शन किया।
सिंदूर फॉर्मेशन: वायुसेना के लड़ाकू विमानों (राफेल, सुखोई-30 और मिराज) ने आसमान में 'सिंदूर फॉर्मेशन' बनाकर उन जांबाजों को सलाम किया जिन्होंने इस मिशन को अंजाम दिया था।
3. नई सैन्य इकाइयां और भैरव बटालियन:
पहली बार गठित 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन ने कर्तव्य पथ पर अपनी पहली कदमताल की। इसके अलावा, सेना के पशु चिकित्सा कोर (RVC) के एक विशेष दल ने भी परेड में हिस्सा लिया।

सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत
समारोह के दौरान 17 राज्यों और 13 मंत्रालयों की झांकियों ने 'आत्मनिर्भर भारत' की झलक दिखाई। लगभग 2,500 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारत की विविधता में एकता के संदेश को जीवंत किया। परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने किया।
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