स्मार्ट सिटी को मिला 'स्मार्ट सुरक्षा कवच': रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला, नई टीम तैनात
रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू: संजीव शुक्ला बने शहर के पहले पुलिस कमिश्नर। राज्य सरकार के इस फैसले के साथ ही अब रायपुर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की पूरी कमान सीधे पुलिस कमिश्नरेट के हाथों में होगी।Puja Sahu
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने आज अपनी प्रशासनिक नियति में एक बड़ा पन्ना पलट दिया है। राज्य सरकार ने संजीव शुक्ला को शहर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त कर यह साफ कर दिया है कि अब रायपुर की सुरक्षा का रिमोट कंट्रोल सीधे पुलिस के हाथों में होगा।
यह नियुक्ति क्यों है 'गेम चेंजर'?
अब तक पुलिस को लाठीचार्ज, धारा 144 लगाने या किसी अपराधी को जिला बदर करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों (मैजिस्ट्रेट) की अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन अब संजीव शुक्ला और उनकी टीम के पास खुद मैजिस्ट्रियल शक्तियां होंगी। इसका सीधा मतलब है— त्वरित निर्णय और ऑन-द-स्पॉट एक्शन।
कमिश्नरेट का नया कमांड सेंटर: इन अधिकारियों के कंधों पर होगी रायपुर की सुरक्षा
इस ऐतिहासिक बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने एक बेहद संतुलित टीम तैनात की है, जिसे अलग-अलग विशेषज्ञताओं में बांटा गया है:
अनिल तुकाराम – अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर
उमेश गुप्ता – डीसीपी, मध्य रायपुर नगरीय
संदीप पटेल – डीसीपी, पश्चिम रायपुर नगरीय
मयंक गुर्जर – डीसीपी, उत्तर रायपुर नगरीय
विकास कुमार – डीसीपी, ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल
राजनाला स्मृतिक, – डीसीपी, क्राइम एंड साइबर रायपुर नगरीय
इशू अग्रवाल – एसीपी, आजाद चौक
ग्रामीण और रेलवे के लिए 'स्पेशल फोकस'
सरकार ने केवल शहर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी ध्यान दिया है। श्वेता श्रीवास्तव को रायपुर ग्रामीण और दिव्यांग पटेल को रेल पुलिस की जिम्मेदारी सौंपकर सुरक्षा का एक 'फुलप्रूफ' चक्र तैयार किया गया है।
संजीव शुक्ला की नियुक्ति क्यों है खास?
जब भी कोई नया सिस्टम शुरू होता है, तो उसका पहला लीडर बहुत सोच-समझकर चुना जाता है। संजीव शुक्ला का अनुभव इस नए सिस्टम को पटरी पर लाने में मदद करेगा। उनकी नियुक्ति से सरकार ने दो बातें साफ कर दी हैं:
- अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है (जीरो टॉलरेंस)।
- पुलिस अब पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि नई टेक्नोलॉजी से काम करेगी।
आगे क्या बदलेगा?
- अपराधियों पर सीधी कार्रवाई: अब गुंडों को शहर से बाहर निकालने (जिला बदर) के लिए पुलिस को कलेक्टर के आदेश का इंतज़ार नहीं करना होगा, पुलिस खुद यह कड़ा फैसला तुरंत ले सकेगी।
- जाम मुक्त रायपुर: ट्रैफिक के लिए अब एक अलग बड़ा अफसर होगा, जिसका पूरा फोकस केवल शहर की सड़कों को व्यवस्थित करने और लोगों को जाम से राहत दिलाने पर होगा।
- हाई-टेक पहरा: अब पुलिस केवल लाठी के भरोसे नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक कैमरों और कंप्यूटर एक्सपर्ट्स की टीम के जरिए अपराधियों को अपराध करने से पहले ही दबोच लेगी।
आईजी, एसपी भी बदले गए
रामगोपाल को आईजी, बिलासपुर रेंज बनाया गया है।
अभिषेक शांडिल्य को आईजी, दुर्ग रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बालाजी राव को आईजी, राजनांदगांव रेंज नियुक्त किया गया है।
शशि मोहन सिंह – एसपी, रायगढ़
लाल उमेद सिंह – एसपी, जशपुर
श्वेता श्रीवास्तव – एसपी, रायपुर ग्रामीण
दिव्यांग पटेल रेल – रेल एसपी
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