AI समिट विरोध प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, दो और गिरफ्तार; फंडिंग और 'बिहार कनेक्शन' की जांच शुरू
AI समिट विरोध प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने IYC के 2 और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। जांच में अब 'बिहार चुनाव फंडिंग' और 'लॉजिस्टिक्स खर्च' का संदिग्ध कनेक्शन सामने आया है। जानें शिमला में दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हुए 18 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे की पूरी कहानी।Puja Sahu
नई दिल्ली | भारत मंडपम में आयोजित 'AI समिट' के दौरान हुए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के दो और कार्यकर्ताओं, गिरधर और कुबेर मीणा को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 14 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
शिमला में हाई-वोल्टेज ड्रामा: दो राज्यों की पुलिस में तनातनी
मामले में उस वक्त नाटकीय मोड़ आया जब दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार को आरोपियों की तलाश में शिमला पहुंची। वहां एक होटल से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के तीन नेताओं को हिरासत में लेने के दौरान हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच 18 घंटे तक टकराव चला।
- विवाद की वजह: हिमाचल पुलिस का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई की।
- नतीजा: तीखी बहस के बाद दिल्ली पुलिस ने स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल की और गुरुवार सुबह आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
फंडिंग और 'बिहार चुनाव' कनेक्शन पर टिकी नजर
दिल्ली पुलिस अब इस प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय स्रोतों**** की गहराई से जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच को अंदेशा है कि प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया गया धन संदिग्ध हो सकता है।
- बैंक खातों की स्कैनिंग: बिहार यूथ कांग्रेस के सचिव कृष्णा हरि समेत अन्य आरोपियों के खातों की जांच की जा रही है। कृष्णा हरि के खातों में 35 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।
- चुनावी फंड का शक: जांच एजेंसियां इस बिंदु पर काम कर रही हैं कि क्या बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जुटाए गए बचे हुए फंड का इस्तेमाल इस विरोध प्रदर्शन को प्रायोजित करने के लिए किया गया था?
प्रदर्शन का 'लॉजिस्टिक्स' बजट
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन की तैयारी के लिए शुरुआती तौर पर लगभग 35,000 रुपये खर्च किए गए थे। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित सामग्रियों के लिए किया गया:
- विशेष रूप से डिजाइन की गई टी-शर्ट्स।
- विरोध प्रदर्शन के लिए प्लेकार्ड्स।
- प्रदर्शन के लिए तैयार किए गए छाते (जिनका उपयोग मौके पर नहीं हो सका)।
क्या है पूरा मामला?
बीती 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर भारत मंडपम के भीतर प्रवेश किया था, जहां ग्लोबल AI समिट चल रही थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे थे और समिट की गरिमा व सुरक्षा में बाधा उत्पन्न की। इस घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है: "मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।"
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