रायपुर में बोले अमित शाह: "हिंसा का गढ़ रहा छत्तीसगढ़ अब बना विकास का पर्याय", 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प
रायपुर में नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की बदली तस्वीर पर 'X' पोस्ट साझा किया। जानें कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बस्तर से लेकर रायपुर तक विकास, स्पोर्ट्स और टेक्निकल एजुकेशन को नई गति मिल रही है।Puja Sahu
रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के एक निजी होटल में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा वामपंथी उग्रवाद (LWE) का पूर्ण उन्मूलन, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा की स्थिति और बस्तर संभाग का सर्वांगीण विकास रहा। बैठक के समापन के बाद गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए छत्तीसगढ़ में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया।
डबल इंजन सरकार से बदला परिदृश्य
अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का प्रमुख केंद्र माना जाता था, वह अब भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार के प्रयासों से विकास का नया चेहरा बनकर उभरा है। उन्होंने लिखा, "जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है।"
संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का संगम
गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का युवा अब मुख्यधारा से जुड़कर राज्य की प्रगति में योगदान दे रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य के युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक और टेक्निकल एजुकेशन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि विकास की इस दौड़ में वे अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को भी पूरी निष्ठा के साथ सहेज रहे हैं।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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सुरक्षा समीक्षा: राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा बलों की रणनीति पर गहन मंथन हुआ।
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विकास कार्यों का जायजा: रायपुर में आयोजित इस बैठक में बस्तर सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य) की प्रगति की समीक्षा की गई।

31 मार्च 2026 की 'डेडलाइन' पर फोकस
बैठक के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के अपने संकल्प की ओर मजबूती से बढ़ रही है। उन्होंने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की और नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने के निर्देश दिए।
इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। गृहमंत्री का यह बयान राज्य में सुरक्षा बलों के बढ़ते मनोबल और बस्तर जैसे क्षेत्रों में लौट रही शांति का प्रतीक माना जा रहा है।
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