कोलकाता में छत्तीसगढ़ का डंका: युवा फिल्मकार एस अंशु धुरंधर को मिला 'इंटरनेशनल स्टार फिल्म फेस्टिवल' अवार्ड
9 साल का शोध और 70 देशों की फिल्मों से मुकाबला! छत्तीसगढ़ के बेटे एस अंशु धुरंधर ने कोलकाता में जीता इंटरनेशनल अवार्ड। दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर बनी उनकी डॉक्यूमेंट्री ने बढ़ाया मान।Puja Sahu
बलौदाबाजार/कोलकाता: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के होनहार युवा फिल्मकार एस अंशु धुरंधर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। कोलकाता में आयोजित प्रतिष्ठित 'इंटरनेशनल स्टार फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स' (ISFFA) 2026 में उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म को भारतीय फिल्म श्रेणी के अंतर्गत द्वितीय सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री अवार्ड से नवाजा गया है।
9 वर्षों के शोध का परिणाम
यह उपलब्धि अंशु धुरंधर को छत्तीसगढ़ के महान जननायक दाऊ चिंताराम टिकरिहा के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के लिए मिली है। इस फिल्म का निर्माण किसी चुनौती से कम नहीं था; इसके पीछे अंशु का 9 वर्षों का गहन शोध और कड़ी मेहनत छिपी है। फिल्म में जननायक के योगदान को ऐतिहासिक और तकनीकी बारीकियों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
70 देशों के बीच कड़ा मुकाबला
इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में विश्व के 70 देशों से सैकड़ों प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। विजेता का चयन कहानी कहने के अंदाज (स्टोरी टेलिंग), रचनात्मकता, तकनीकी गुणवत्ता और सांस्कृतिक प्रभाव जैसे कड़े मानकों पर किया गया।
- 27 फरवरी: कोलकाता के राज्य युवा केंद्र परिसर स्थित विवेकानंद ऑडिटोरियम में नामांकित फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई।
- 28 फरवरी: भव्य समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया।
महोत्सव निदेशक सैकत दास ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि ऐतिहासिक विषयों पर शोध आधारित फिल्में बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इस डॉक्यूमेंट्री में प्रस्तुति और तकनीकी पहलुओं का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
सफलता का सफरनामा: 16 की उम्र से फिल्म निर्माण
एस अंशु धुरंधर बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उनकी उपलब्धियां कुछ इस प्रकार हैं:
- लेखन की शुरुआत: मात्र 9 वर्ष की आयु से।
- फिल्म निर्माण: 16 वर्ष की आयु से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा।
- अब तक का सफर: 5 फिल्मों का निर्देशन और 4 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।
- आगामी कार्य: वर्तमान में उनकी 2 पुस्तकें और 3 फिल्में निर्माणाधीन हैं।
धुरंधर के कार्यों को अब तक देश-विदेश के 10 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सराहा और सम्मानित किया जा चुका है।
अगला पड़ाव: 11वां बंगाल इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल
खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती। मार्च माह में ही इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का चयन बंगाल फिल्म एंड टेलीविजन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित 11वें बंगाल इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (BISFF) के लिए भी किया गया है, जो छत्तीसगढ़ी कला और संस्कृति के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
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