पहले कुत्ते पर 'जहर का ट्रायल', फिर एक-एक कर इंसानों का शिकार! बलौदाबाजार में अंधविश्वास और रंजिश ने बनाया साइको किलर
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 8 लोगों की संदिग्ध मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुरानी रंजिश, कर्ज और अंधविश्वास के चलते गांव के ही एक साइको किलर ने शराब में सुहागा (जहर) देकर इन हत्याओं को अंजाम दिया था। आरोपी गिरफ्तार।Puja Sahu
बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है। कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों के पीछे छिपे 'साइको किलर' का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुरानी रंजिश, अंधविश्वास, कर्ज और मामूली विवादों के चलते एक ही शख्स ने गांव के 8 लोगों को अपनी सनक का शिकार बना डाला।
पुलिस ने आरोपी राम सहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बेहद शातिराना अंदाज में लोगों को शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर पिलाता था और उनकी मौत के बाद खुद उनके कफन-दफन में भी शामिल होता था।
ग्रामीणों के शक ने खोला खौफनाक राज
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि 6 जून को खर्वे गांव के ग्रामीणों ने कसडोल एसडीओपी को एक आवेदन सौंपा। इसमें फरवरी से 14 मई के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच और राम सहाय जायसवाल पर शक जाहिर किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 7 मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा (रायपुर) भेजा गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने विसरा और डीएनए सैंपल सुरक्षित किए। एक मृतक (बुधराम जायसवाल) का पहले ही दाह संस्कार हो चुका था।
आवारा कुत्ते पर किया था जहर का 'ट्रायल'
पुलिस पूछताछ में आरोपी राम सहाय ने जो कबूल किया, उसने सबके होश उड़ा दिए। आरोपी ने बताया कि उसने चूहा मारने की दवा के नाम पर किसी से 'सुहागा' (जहर) लिया था। इंसानों को निशाना बनाने से पहले उसने इस जहर का टेस्ट एक आवारा कुत्ते पर किया। कुत्ते की मौत के बाद जब उसे यकीन हो गया, तो उसने सिलसिलेवार हत्याओं का खौफनाक खेल शुरू किया।
4 महीने, 8 कत्ल: सिलसिलेवार हत्याओं का पैटर्न
आरोपी राम सहाय जायसवाल हर बार शिकार को शराब में सुहागा मिलाकर देता था। पुलिस के अनुसार, उसने इन वजहों से कीं हत्याएं:
- 6 फरवरी (पहला शिकार - बद्री): गाली-गलौज करने और शराब के लिए परेशान करने से नाराज होकर मार डाला।
- 20 फरवरी (दूसरा शिकार - बुठालु): चुनाव के समय हुए विवाद और समाज को गाली देने के कारण जहर दिया।
- 12 मार्च (तीसरा शिकार - छत्तु राम): आरोपी को शक था कि वह उसकी पत्नी पर बुरी नियत रखता है।
- 20 मार्च (चौथा शिकार - बुधराम): जमीन के लेनदेन और सामाजिक रंजिश के चलते हत्या की।
- 31 मार्च (पांचवां शिकार - विनोद कुमार): लगातार गाली-गलौज करने के कारण निशाना बनाया।
- 28 अप्रैल (छठा शिकार - गजानंद): अंधविश्वास के चलते हत्या की। आरोपी को शक था कि गजानंद उस पर 'बैगा गुनिया' (जादू-टोना) करता है, जिससे वह कर्ज मुक्त नहीं हो पा रहा है।
- 29 अप्रैल (सातवां शिकार - चैतूराम): आरोपी ने चैतूराम से 50,000 रुपये का कर्ज लिया था। ब्याज और कर्ज देने से बचने के लिए उसने चैतूराम को रास्ते से हटा दिया।
- 14 मई (आठवां शिकार - महेतरू राम): साल 2023 के चुनाव के समय हुए विवाद और लगातार ताने मारने से नाराज होकर हत्या की।
एक शख्स ने जीती जिंदगी की जंग
आरोपी ने 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक नाम के एक अन्य ग्रामीण को भी जहर वाली शराब दी थी, लेकिन समय पर इलाज मिल जाने के कारण उसकी जान बच गई।
हमदर्द बनकर कफन-दफन में होता था शामिल
इस साइको किलर की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन लोगों को वह जहर देता था, तबीयत बिगड़ने पर खुद ही उन्हें अस्पताल ले जाता था। इतना ही नहीं, किसी को शक न हो इसलिए वह मृतकों के अंतिम संस्कार और कफन-दफन में भी बढ़-चढ़कर शामिल होता था।
पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता
इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा (IPS) लगातार मार्गदर्शन कर रहे थे। एसपी ओ.पी. शर्मा के निर्देश और एएसपी अभिषेक सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल और कसडोल पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूझबूझ से आरोपी को दबोच लिया। आरोपी राम सहाय के खिलाफ 8 हत्याओं और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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