बरगी डैम हादसा: मौत के बाद भी मां ने नहीं छोड़ा बेटे का साथ, दिल दहला देने वाली तस्वीर आई सामने
बरगी डैम हादसे के बाद एक ऐसा दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। मां और बेटे की तस्वीर ने लोगों की आंखें नम कर दीं—मौत के बाद भी मां अपने मासूम को सीने से लगाए रही, और बच्चा भी उसीBhupesh Tandiya
डेस्क : बरगी डैम हादसे के बाद एक ऐसा दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। मां और बेटे की तस्वीर ने लोगों की आंखें नम कर दीं मौत के बाद भी मां अपने मासूम को सीने से लगाए रही, और बच्चा भी उसी तरह मां से लिपटा हुआ हमेशा के लिए सो गया। इस त्रासदी की यह झलक इंसानी भावनाओं को गहराई से छू रही है।
लाइफ जैकेट पहने एक महिला… और उसके सीने से चिपका उसका छोटा सा बेटा। जब दोनों के शव बरगी डैम के पानी से बाहर निकाले गए, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति सन्न रह गया। यह सिर्फ एक दुर्घटना का दृश्य नहीं था, बल्कि मां की उस ममता की तस्वीर थी, जो आखिरी सांस के बाद भी कायम रही। मां ने अंत तक अपने बच्चे को थामे रखा , मौत भी उन्हें जुदा नहीं कर सकी।
मौके पर मौजूद बचावकर्मियों के लिए भी यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। सेना की टीम के एक सदस्य ने बताया कि क्रूज पूरी तरह डूब चुका था। अंदर जाकर शवों की तलाश करना बेहद कठिन था, क्योंकि पानी में दृश्यता बहुत कम थी—आधे फीट तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। जब उन्होंने महिला को बाहर निकालने की कोशिश की, तो पता चला कि वह अपने बच्चे को सीने से कसकर पकड़े हुए है। काफी कोशिशों के बावजूद मां की पकड़ ढीली नहीं हो रही थी।
यह घटना सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं है, बल्कि उस अटूट रिश्ते की गवाही देती है, जो जीवन और मृत्यु की सीमाओं से परे है। राहत और बचाव कार्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीम के सदस्य तेज लहरों और मुश्किल हालात के बीच मां-बेटे के शव को बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे, फिर भी बचाव दल लगातार प्रयास करता रहा।
बताया जा रहा है कि यह हादसा तेज तूफान के कारण हुआ, जब क्रूज नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, 6 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नाव में कुल 43 लोग सवार थे। गुरुवार शाम अचानक तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते नाव का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यात्रियों ने नाव किनारे लगाने की अपील की थी, लेकिन उनकी आवाज चालक दल तक नहीं पहुंच पाई।
यह क्रूज करीब 20 साल पुराना बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया के अनुसार, इसका निर्माण वर्ष 2006 में हुआ था और इसमें करीब 60 यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
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