बस्तर के नेतानार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया 'शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा' का उद्घाटन, ग्रामीणों को मिलेंगी कई सुविधाएं
बस्तर दौरा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ कैंप में 'शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा' जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया, जिससे अब ग्रामीणों को आधार, बैंकिंग और शिक्षा जैसी कई सुविधाएं गाँव में ही मिलेंगी।Puja Sahu
जगदलपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुँचे। यहाँ उन्होंने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 'शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा' (जन सुविधा केंद्र) का उद्घाटन किया। अब तक ये सुरक्षा कैंप केवल सुरक्षाबल के जवानों के लिए हुआ करते थे, लेकिन अब इनका उपयोग आम जनता की भलाई और विकास के लिए भी किया जाएगा।
इस जन सुविधा कैंप के माध्यम से बस्तर के सुदूर इलाकों में विकास, प्रशासनिक पहुंच और आधुनिक सुविधाओं का एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। केंद्र में ग्रामीणों के लिए आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
बस्तर की इमली के मुरीद हुए गृह मंत्री
दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र का भी अवलोकन किया। वहाँ उन्होंने प्रशिक्षण पा रहीं स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की और समझा कि कैसे वे इमली बिक्री के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और उसकी तारीफ करते हुए कहा कि, "यहाँ की इमली में बहुत मिठास है।"
समूह की सदस्य लंबी नाग ने गृह मंत्री को बताया कि इस समूह से जुड़कर महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकेंगी। 'गुंडाधूर महिला स्व-सहायता समूह' की ये महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता वाला इमली पल्प तैयार कर रही हैं।
गांव में ही मिल रहीं 'सेवा सेतु' और 'आधार' सुविधाएं
अमित शाह इसके बाद 'सेवा सेतु केंद्र' पहुँचे, जहाँ उन्होंने ग्राम नेतानार की निवासी सुखदेवी से मुलाकात की। सुखदेवी ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पांच महीने की बेटी पद्मा का पहचान पत्र (आधार) यहीं बनवाया है। पहले इसके लिए उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर जाना पड़ता था। अब इस केंद्र के खुलने से ग्रामीणों को नया कार्ड बनवाने, अपडेट कराने, केवाईसी (KYC) और मोबाइल नंबर लिंक कराने जैसी सभी जरूरी सुविधाएं गाँव में ही मिल रही हैं।
इसी केंद्र में मिली सोनामनी ने बताया कि दूरी अधिक होने के कारण वे लंबे समय से 'महतारी वंदन योजना' का ई-केवाईसी नहीं करा पा रही थीं, लेकिन गाँव में केंद्र खुलने से आज उनका यह काम आसानी से पूरा हो गया।
एक ही छत के नीचे ऑनलाइन सेवाएं और वित्तीय साक्षरता
इस जन सुविधा केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाइन सुविधाएं मिलेंगी। अब ग्रामीण यहाँ जन्म, आय और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज आसानी से बनवा सकेंगे।
इसके अलावा, केंद्र में महिलाओं को 'बैंक सखी' का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके जरिए महिलाएं गाँव में ही:
- पैसा जमा करना और निकालना
- स्व-सहायता समूहों के लिए खाता खोलना
- केवाईसी (KYC) और मोबाइल नंबर अपडेट करना
- एसएचजी (SHG) क्रेडिट लिंकेज जैसी बैंकिंग सेवाएं अपने ही गाँव के लोगों को दे पाएंगी।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम: सिलाई और धान ढेंकी प्रशिक्षण
गृह मंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ महिलाओं को बेसिक और एडवांस सिलाई सिखाई जा रही है। प्रशिक्षण ले रही विजय कुमारी ने बताया कि इस हुनर को सीखकर वे अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पाएंगी।
इसके साथ ही, शाह ने 'धान ढेंकी प्रशिक्षण केंद्र' में भी ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की। इस पारंपरिक और वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से जहाँ एक ओर चावल की बिक्री से महिलाओं की आय बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर धान से निकलने वाली भूसी का उपयोग पशुओं के पौष्टिक आहार के रूप में किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
बस्तर के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाले इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकासशील सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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