बड़ी खबर : नवा रायपुर के ब्लू वाटर खदान पर लगेगी पाबंदी, खदानों के चारों ओर होगी फेंसिंग
रायपुर। नवा रायपुर के ब्लू वाटर खदान में युवक के डूबने की घटना को 60 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। SDRF की टीम लगातार खदान मेंBhupesh Tandiya
रायपुर। नवा रायपुर के ब्लू वाटर खदान में युवक के डूबने की घटना को 60 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका शव बरामद नहीं हो सका है। SDRF की टीम लगातार खदान में सर्च ऑपरेशन चला रही है। पानी की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम को तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक मौदहापारा निवासी 24 वर्षीय आदिल खान बुधवार को तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में कूद गए। दोस्त तो सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आदिल पानी में डूबता नजर आ रहा है।
9 साल में 9 लोगों की मौत
माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव के पास स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर यह आंकड़ा 10 हो जाएगा।
31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 9 बच्चे स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में बरामद हुए थे।
इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवकों और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी।
अब खदान पर लगेगी पाबंदी
लगातार हो रहे हादसों के बाद अब प्रशासन ने ब्लू वाटर खदान की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी की है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि ब्लू वाटर खदान को प्रतिबंधित किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां प्रवेश पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि खदानों के चारों ओर फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि लोग खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बाहर से आई टीम भी लगातार काम कर रही है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे हादसों को रोकना और खदान क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अब सबसे बड़ी चुनौती आदिल खान के शव को बरामद करने की है। SDRF की टीम लगातार सर्चिंग में जुटी हुई है।
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