अधिकारियों की लापरवाही और नक्सलवाद पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कड़ा रुख, कहा– "विपक्ष आपदा में अवसर न तलाशे"
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों को प्रिविलेज कमेटी के जरिए कटघरे में खड़ा करने की चेतावनी दी है। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने और मिडिल ईस्ट संकट पर विपक्ष की राजनीति को छोड़कर एकजुट होने की अपील की।Puja Sahu
रायपुर: रायपुर के सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों से लेकर प्रदेश के विकास और वैश्विक संकटों पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना सरकार की प्राथमिकता है।
विधानसभा में गलत जानकारी: अधिकारियों पर गिरेगी गाज
विधानसभा सत्र के दौरान अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी दिए जाने के मामलों पर सांसद अग्रवाल ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा सर्वोपरि है।
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विधायकों को सलाह: उन्होंने कहा कि विधायकों को सदन में पूरी तरह सतर्क और सजग रहने की जरूरत है।
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विशेषाधिकार समिति: अग्रवाल ने सुझाव दिया कि यदि कोई अधिकारी सदन को गुमराह करता है, तो उसे 'प्रिविलेज कमेटी' (विशेषाधिकार समिति) के जरिए कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।
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भ्रष्टाचार पर लगाम: उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर विधायक सतर्क हो जाएं, तो कृषि ब्यूरो जैसे विभागों में व्याप्त विसंगतियों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकती है।
"नक्सल मुक्त होगा छत्तीसगढ़, खुलेगा विकास का द्वार"
प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद पर बोलते हुए सांसद ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब शांति और प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
"नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था। सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं इसी वजह से गांवों तक नहीं पहुँच पा रही थीं। लेकिन अब राज्य को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प पूरा होने की दिशा में है।"
हालांकि, नक्सली घटनाओं पर उन्होंने व्यावहारिक रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को कम तो किया जा सकता है, लेकिन इन्हें रातों-रात पूरी तरह से रोकना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे 'विकसित छत्तीसगढ़' की नींव बताया।
ट्रिपल इंजन की सरकार और वैश्विक संकट
केंद्र और राज्य के संबंधों पर चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ को 'ट्रिपल इंजन' की सरकार वाला राज्य बताया, जहाँ विकास के कार्य दोगुनी गति से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे।
मिडिल ईस्ट संकट और विपक्ष की भूमिका:
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता पर सांसद ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
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एकजुटता की अपील: उन्होंने कहा कि जैसे देश ने कोरोना काल में एकजुट होकर जीत हासिल की थी, वैसी ही मिसाल अब भी पेश करनी चाहिए।
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कालाबाजारी पर प्रहार: युद्ध की स्थिति में आपदा में अवसर तलाशने वालों और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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विपक्ष को नसीहत: सांसद ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जनता का हौसला बढ़ाने का है। देश को हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
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