कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई नहीं, इन 3 गैंग्स का है असली 'सिक्का'; सरकार ने जारी की खतरनाक गिरोहों की सूची
कनाडा सरकार की ताजा रिपोर्ट में 6 खतरनाक गैंग्स की सूची जारी, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम शामिल नहीं है। जानें वुल्फपैक, ब्रदर्स कीपर्स और यूएन गैंग का पूरा काला चिट्ठा और कनाडा में इनकी सक्रियता का सच।Puja Sahu
ओटावा/वैंकूवर: भारत में हाई-प्रोफाइल हत्याओं और अपराधों को लेकर चर्चा में रहने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर कनाडा में भी काफी बयानबाजी होती रही है। हालांकि, कनाडाई सरकार की हालिया रिपोर्ट और स्थानीय मीडिया 'वैंकूवर सन' के दावों ने एक अलग ही तस्वीर पेश की है। पुलिस द्वारा जारी कनाडा के 6 सबसे खतरनाक आपराधिक गैंग्स की सूची में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम शामिल नहीं है।
कनाडाई पुलिस के मुताबिक, वहां असली आतंक वुल्फपैक, ब्रदर्स कीपर्स और यूएन गैंग का है। ये गिरोह ड्रग्स तस्करी, जबरन वसूली और सरेआम हत्याओं जैसी वारदातों को अंजाम देने में सबसे आगे हैं।
कनाडा के 'टॉप-3' खतरनाक गिरोह: जिनका चलता है सिक्का
सरकार ने जिन तीन गैंग्स को सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती बताया है, उनका विवरण इस प्रकार है:
1. वुल्फपैक एलायंस (Wolfpack Alliance)
- स्थापना: 2010
- सरगना: लैरी अमेरो
- प्रभाव क्षेत्र: ब्रिटिश कोलंबिया, स्पेन और यूरोप।
- मुख्य अपराध: यह गैंग ड्रग्स और मानव तस्करी में शामिल है। इस गिरोह की खास बात यह है कि इसमें महिलाएं भी प्रमुख भूमिका निभाती हैं। यह गैंग स्थानीय छोटे समूहों को साथ जोड़कर अपना नेटवर्क फैलाता है।
2. ब्रदर्स कीपर्स (Brothers Keepers)
- स्थापना: 2016
- संस्थापक: गविंदर सिंह ग्रेवाल (वर्तमान प्रमुख: मानी ग्रेवाल)
- विशेषता: इस गैंग के अधिकांश सदस्य पंजाबी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। करीब 190 से ज्यादा अपराधियों वाला यह गुट अपनी दहशत बनाए रखने के लिए दिनदहाड़े हत्याएं करने के लिए कुख्यात है।
3. यूएन गैंग (UN Gang)
- स्थापना: 1997
- सरगना: कोटेन रोशे
- प्रभाव क्षेत्र: ग्रेटर वैंकूवर और ब्रिटिश कोलंबिया।
- इतिहास: यह कनाडा के सबसे पुराने और संगठित गिरोहों में से एक है। वर्तमान में भी इसके 200 से अधिक सक्रिय सदस्य पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
लॉरेंस बिश्नोई: भारत में खौफ, कनाडा में सिर्फ चर्चा
पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला लॉरेंस बिश्नोई साल 2012 में अपराध की दुनिया में आया था। आज उसके गैंग में 700 से ज्यादा अपराधी शामिल हैं, जो भारत में कई बड़ी हत्याओं के आरोपी हैं। हालांकि, कनाडा की हालिया रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि वहां के स्थानीय अपराध तंत्र में अभी भी पश्चिमी गिरोहों का ही वर्चस्व है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग वहां की 'टॉप डेंजरस' लिस्ट का हिस्सा नहीं है।
पुलिस का मानना है कि कनाडा में सक्रिय ये 6 गैंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करते हैं और इनके तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। फिलहाल, कनाडाई एजेंसियां इन गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश में जुटी हैं।
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