मैनपाट विवाद: शासन के आश्वासन और कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का सामूहिक अवकाश स्थगित, 4 जून से काम पर लौटेंगे अधिकारी
छत्तीसगढ़ के मैनपाट में नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में प्रशासन की कार्रवाई और आश्वासन के बाद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सामूहिक अवकाश स्थगित कर दिया है। 4 जून से प्रदेशभर में राजस्व और अदालती कामकाज सामान्य रूप से शुरू होंगे।Puja Sahu
रायपुर/सीतापुर : सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील अंतर्गत राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान हुई मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
शासन के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अपना प्रस्तावित सामूहिक अवकाश कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट 4 जून से पुनः नियमित कार्य पर लौटेंगे।
दो नामजद आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई जारी
सीतापुर थाना प्रभारी ने बताया कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक के लिखित आवेदन पर सीतापुर थाना में अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121 (1), 132 एवं 191(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
विवेचना के दौरान प्रकरण के दो नामजद आरोपियों—नाजिम रजा और पंकज गुप्ता—ने पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसके बाद उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला वर्तमान में विवेचनाधीन है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शासन के साथ हुई विस्तृत परिचर्चा
संघ ने बताया कि 1 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री और सचिव के साथ एक उच्च स्तरीय विस्तृत परिचर्चा आयोजित की गई थी। इस बैठक में संघ ने राजापुर प्रकरण के दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का विषय प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और कार्यप्रणाली से जुड़े कई गंभीर मुद्दे भी शासन के सामने रखे गए, जिनमें शामिल हैं:
- तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों की सुरक्षा व्यवस्था।
- आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और वाहन सुविधा।
- कार्यालयीन स्टाफ की कमी को दूर करना।
- न्यायालयीन कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर)।
- लंबे समय से लंबित अन्य प्रशासनिक मांगें।
परिचर्चा के दौरान शासन स्तर से संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया कि राजापुर मामले में शीघ्र वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अन्य सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए चरणबद्ध तरीके से उनका निराकरण किया जाएगा।
संघ ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक कार्रवाई को सकारात्मक प्रगति बताते हुए इसका स्वागत किया है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यह स्थगन केवल 15 दिनों के लिए है। संघ के अनुसार, यदि आगामी 15 दिनों के भीतर शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है और उनकी प्रशासनिक मांगों के निराकरण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखती है, तो संघ परिस्थितियों की समीक्षा कर पुनः आंदोलन या सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए बाध्य होगा।
4 जून से सामान्य होंगे राजस्व और अदालती कामकाज
प्रशासनिक गरिमा और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संघ ने अपना आंदोलन फिलहाल टाल दिया है। इसके फलस्वरूप 4 जून 2026 से प्रदेश के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने नियमित शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इसके बाद से राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना एवं अन्य सभी प्रशासनिक कार्य प्रदेशभर में सामान्य रूप से संचालित होने लगेंगे।
अन्य कर्मचारी संगठनों और मीडिया का जताया आभार
इस संकट के समय में एकजुटता दिखाने के लिए कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, राजस्व पटवारी संघ, राजस्व लिपिकीय संघ सहित विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही संघ ने मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को भी धन्यवाद दिया है, जिन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन इस विषय की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और संसाधनों से जुड़े विषयों का स्थायी समाधान निकालने के लिए समयबद्ध कदम उठाएगा।
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