छत्तीसगढ़ विधानसभा: गौवंशी पशुओं के मुद्दे पर सदन में गरमागरम बहस, मंत्री ने दिया जवाब
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में विधायक अजय चंद्राकर ने गौवंशी पशुओं और उनकी गणना का मुद्दा उठाया। जानिए मंत्री रामविचार नेताम ने पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान को लेकर सदन में क्या जवाब दिया।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन आज सदन में गौवंशी पशुओं की स्थिति और उनके संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में पशुओं की वर्तमान स्थिति और सरकार की कार्ययोजना को लेकर तीखे सवाल पूछे।
विधायक अजय चंद्राकर के मुख्य सवाल
अजय चंद्राकर ने सरकार से पशुपालन विभाग के आंकड़ों पर स्पष्टता मांगी। उनके प्रमुख प्रश्न निम्नलिखित थे:
- पशु गणना: वर्ष 2026 की स्थिति में प्रदेश में कुल कितने पशु हैं और अलग-अलग प्रजातियों की संख्या क्या है?
- मादा गौवंश: प्रदेश में मादा गौवंशी पशुओं की सटीक संख्या कितनी है?
- नीति निर्धारण: पशुओं के टीकाकरण और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की वर्तमान नीति क्या है?
- प्रजनन लक्ष्य: पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में कुल कितने पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया है?
विभागीय मंत्री रामविचार नेताम का जवाब
सवालों का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री रामविचार नेताम ने आश्वस्त किया कि सरकार प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को लेकर गंभीर है।
मंत्री के जवाब के मुख्य बिंदु:
- दुग्ध उत्पादन पर जोर: मंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना है और इसके लिए हर स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
- कृत्रिम गर्भाधान: उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 33 हजार 400 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण किया जा चुका है।
- टीकाकरण अभियान: पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए विभाग निरंतर टीकाकरण अभियान चला रहा है ताकि पशुधन को सुरक्षित रखा जा सके।
"हम प्रदेश में पशुपालकों की आय बढ़ाने और दुग्ध क्रांति लाने के लिए संकल्पित हैं। कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।" — रामविचार नेताम, कृषि मंत्री
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