विधानसभा में 1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पेश, 'विकसित छत्तीसगढ़ 2047' का रोडमैप तैयार
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ₹1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पेश किया। 'विकसित छत्तीसगढ़ 2047' के लक्ष्य के साथ AI मिशन, महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना पर विशेष जोर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे "संकल्प आधारित बजट" करार दिया है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है।
बजट का गणित: वित्तीय अनुशासन पर जोर
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि बजट का शुद्ध आकार 1.72 लाख करोड़ रुपये है।
- कुल प्राप्तियां: 1.72 लाख करोड़ (राजस्व: 1.41 लाख करोड़, पूंजीगत: 29 हजार करोड़)।
- कुल व्यय: राजस्व व्यय 1.45 लाख करोड़ और पूंजीगत व्यय 27 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
- वित्तीय घाटा: राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.87% (20,400 करोड़) अनुमानित है, जो कि निर्धारित वित्तीय सीमाओं के भीतर है।
संकल्प के 7 स्तंभ और 5 नए मिशन
बजट मुख्य रूप से सात स्तंभों—समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और बेहतर पॉलिसी पर आधारित है। तकनीक और विकास को गति देने के लिए 500 करोड़ रुपये के साथ पांच नए मिशनों की घोषणा की गई है:
- मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन: 100 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: 100 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: 100 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन: 100 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुन मिशन: 100 करोड़ रुपये
आर्थिक प्रगति के बढ़ते कदम
छत्तीसगढ़ की विकास दर 8.11% दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत (7.4%) से अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में 10.07% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब 1,79,244 रुपये पहुंच गई है।
किसान और महिला कल्याण: बजट की प्राथमिकता
- कृषक उन्नति योजना: किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान। 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जारी रहेगी।
- महतारी वंदन योजना: 70 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता देने हेतु 8,200 करोड़ रुपये आवंटित। वर्ष 2026 को "महतारी गौरव वर्ष" के रूप में मनाया जाएगा।
विपक्ष का प्रहार: "विज्ञापन की सरकार, जनता बेहाल" – चरणदास महंत
विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार पर 'दिल्ली के इशारों पर चलने' और 'केवल विज्ञापनों तक सीमित रहने' का आरोप लगाया।
महंत के तीखे सवाल:
- खर्च पर सवाल: उन्होंने कहा कि पिछले बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 26 हजार करोड़ रखे गए थे, लेकिन दूसरी तिमाही तक मात्र 3,500 करोड़ ही खर्च हो पाए।
- हसदेव और पर्यावरण: महंत ने हसदेव के जंगलों की कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 'ग्रीन स्टेट' की बातें खोखली हैं और जंगलों की कटाई से किसानों को पानी का संकट झेलना पड़ेगा।
- भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था: उन्होंने भारतमाला परियोजना, डीएमएफ फंड और आबकारी मुख्यालय में लगी आग जैसी घटनाओं पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीयत पर संदेह जताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "डबल इंजन का मतलब है—एक इंजन में नशा सप्लाई और दूसरे में उसे संरक्षण।"
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
- स्वास्थ्य: आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु 2,000 करोड़।
- आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये।
- सुरक्षा: 1,500 नए 'बस्तर फाइटर' पदों का सृजन और 5 नए साइबर पुलिस स्टेशन।
- संस्कृति: 'शक्ति पीठ परियोजना' और 'रामलला दर्शन योजना' के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अंत में विश्वास जताया कि यह बजट समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाएगा और एक समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव रखेगा।
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