छत्तीसगढ़ विधानसभा: विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बरसे धरमलाल कौशिक, गिनाए कांग्रेस सरकार के 'घोटाले' और साय सरकार की 'उपलब्धियां'
छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वरिष्ठ भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को 'माफिया राज' और भ्रष्टाचार का गढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की किसान, महिला और विकास से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों को सदन के सामने रखा।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान सदन में तीखी बयानबाजी देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए इस प्रस्ताव को 'जनता की आँखों में धूल झोंकने का प्रयास' करार दिया।
कौशिक ने कहा कि प्रदेश की जनता ने पिछले 5 साल के 'माफिया राज' को बहुत करीब से देखा है और इसी का नतीजा था कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा।
उन्होंने सदन से अपील की कि इस औपचारिकता मात्र वाले अविश्वास प्रस्ताव को वापस लिया जाए, क्योंकि अब न तो प्रदेश की जनता और न ही खुद कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके साथ हैं।
"भूपेश सरकार में रहा माफियाओं और भ्रष्टाचार का बोलबाला"
पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए धरमलाल कौशिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के 5 साल के कार्यकाल में भू-माफिया, खनिज माफिया और शराब माफिया का बोलबाला रहा। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि थानों की बाकायदा 'रेट लिस्ट' बनी हुई थी, जिसे खुद कांग्रेस के विधायकों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।
कौशिक ने कांग्रेस कार्यकाल के दौरान हुए विभिन्न कथित घोटालों को लेकर घेरा:
- शराब घोटाला और आरजी टैक्स: उन्होंने आरोप लगाया कि 'आरजी टैक्स' के नाम पर शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 120 रुपये तक की अवैध बढ़ोतरी कर जनता को लूटा गया। ईडी (ED) की कार्रवाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद शराब से मिलने वाला राजस्व 5,000 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 12,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जिससे साफ है कि पहले कितनी बड़ी लूट हो रही थी।
- जल जीवन मिशन: मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये के टेंडर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, जिन्हें बाद में निरस्त करना पड़ा। इसमें ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों को काम दिया गया था।
- पीएससी (PSC) घोटाला: पीएससी परीक्षा में धांधली कर गरीब और मेधावी छात्रों को बाहर कर दिया गया और नेताओं व अधिकारियों के बच्चों का चयन किया गया। कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार ने आते ही इसकी जांच कराई और दोषियों को जेल भेजा।
- ठप रहा विकास: पिछले 5 वर्षों में राज्य के सिंचाई रकबे में 2% की भी बढ़ोतरी नहीं हुई, 14,500 शिक्षकों की भर्ती अधूरी रही और खिलाड़ियों का मनोबल गिराते हुए 5 साल तक 'राज्य खेल अलंकरण समारोह' का आयोजन तक नहीं किया गया।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल: "चाकू का गढ़ बन गया था रायपुर"
कौशिक ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय की कानून-व्यवस्था को लेकर एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि साल 2019 से 2022 के बीच प्रदेश में 24,500 आत्महत्याएं हुईं। वहीं 2019 से 2023 के बीच 2,680 किसानों ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि किशोर अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1 पर पहुँच गया था और राजधानी रायपुर 'चाकू का गढ़' बन गई थी। कवर्धा और बिरनपुर जैसी संवेदनशील घटनाओं के समय तत्कालीन सरकार ने विपक्ष को भी पीड़ितों से मिलने और जाने से रोकने का काम किया था।
साय सरकार की उपलब्धियाँ: "जो कहा, वो करके दिखाया"
विपक्ष को आइना दिखाते हुए धरमलाल कौशिक ने वर्तमान विष्णु देव साय सरकार के कामकाज की जमकर सराहना की और इसे 'वादा निभाने वाली सुशासन सरकार' बताया। उन्होंने भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं:
1. किसान कल्याण और धान खरीदी
कौशिक ने कांग्रेस को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उन्होंने 2 साल का बकाया बोनस देने का वादा किया था, लेकिन 5 साल में एक रुपया नहीं दिया। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने शपथ लेने के मात्र 13 दिनों के भीतर 25 दिसंबर (अटल जी की जयंती) को 3,716 करोड़ रुपये का 2 साल का बकाया बोनस किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। आज प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रिकॉर्ड धान खरीदी हो रही है, तथा किसानों के खातों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।
2. महिला सशक्तिकरण
महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं के खातों में योजना की 29वीं किस्त जारी की जा चुकी है, जिसके तहत अब तक 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 450 से अधिक 'महतारी सदनों' का निर्माण किया जा रहा है।
3. औद्योगिक विकास और तकनीक
युवाओं के लिए जहाँ एक ओर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। प्रदेश में 7,900 नए उद्योग स्थापित हुए हैं और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा, नवा रायपुर में देश का पहला AI डेटा सेंटर और 10,000 करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन
डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में बनी 35,000 किलोमीटर सड़कों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में प्रदेश में फिर से सड़कों का जाल बिछ रहा है। गरीबों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। सुशासन को मजबूत करने के लिए 'मुख्यमंत्री पोर्टल', '1076 शिकायत निवारण ऐप' और ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल गवर्नेंस जैसी आधुनिक पहल शुरू की गई हैं। 'सुशासन तिहार' के माध्यम से सरकार सीधे जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है।
"कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह प्रस्ताव लाई है, जबकि भाजपा की साय सरकार छत्तीसगढ़ को विकास की एक नई ऊँचाई पर ले जा रही है।"
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