छत्तीसगढ़ विधानसभा: मानसून सत्र के चौथे दिन भी हंगामे के आसार, बिजली बिल बढ़ोतरी से लेकर कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन बिजली दरों में बढ़ोतरी, कानून-व्यवस्था, जर्जर सड़कों और योजनाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरेगा। साथ ही, प्लास्टिक प्रतिबंध और खेल विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर आज सदन में मंथन होगा।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। आज भी सदन की कार्यवाही बेहद हंगामेदार रहने के आसार जताए जा रहे हैं। सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें अलग-अलग विभागों के मंत्रियों से कई तीखे और महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे।
बिजली की दरों और सड़कों के मुद्दों पर स्थगन व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की दरों को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ आक्रामक मूड में है और इस विषय पर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके अलावा, आज सदन में कुल 63 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से मुंगेली जिले की बदहाल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और 'मुख्यमंत्री सड़क योजना' के तहत बनी जर्जर सड़कों का मुद्दा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उठाया जाएगा।
कानून-व्यवस्था और योजनाओं में अनियमितता पर घेराबंदी
विपक्ष आज बस्तर क्षेत्र में 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' में हुई कथित अनियमितता को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। इसके साथ ही निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने की उम्मीद है:
- औद्योगिक दुर्घटनाएं : प्रदेश के कारखानों में सुरक्षा चूक और हाल ही में हुए हादसों पर विपक्ष जवाब मांगेगा।
- स्वास्थ्य एवं शिक्षा : नर्सिंग कॉलेजों में इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मान्यता का पेंच और अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा गूंजेगा।
- अपराध और सुरक्षा : नशीले पदार्थों की तस्करी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शहरों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक का मामला।
- स्थानीय बुनियादी ढांचा : रायपुर एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड की बदहाली, गरियाबंद हीरा खदान की सुरक्षा और प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंत्रियों से सवाल पूछे जाएंगे।
पटल पर रखी जाएंगी वार्षिक रिपोर्ट
सदन की कार्यवाही के दौरान आज तीन महत्वपूर्ण आयोगों की वार्षिक रिपोर्ट पटल पर रखी जाएंगी:
- राज्य सूचना आयोग
- दिव्यांगजन आयोग
- राज्य खाद्य आयोग
महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक और अशासकीय संकल्प
आज सदन में विधायी कामकाज के तहत कई संशोधन विधेयकों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित कराया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:
- छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा संशोधन विधेयक-2026
- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक
- ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस विधेयक
इसके साथ ही, आज दो महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी चर्चा के लिए पेश किए जाएंगे:
- प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध: बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश में प्लास्टिक पर कड़ा प्रतिबंध लगाने को लेकर अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करेंगे।
- खेल विश्वविद्यालय की स्थापना: बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला राज्य में एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर अपना संकल्प पटल पर रखेंगे।
कुल मिलाकर आज का दिन साय सरकार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है, जहाँ एक तरफ विपक्ष उन्हें जनहित के मुद्दों पर घेरेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकार अपनी विकास नीतियों और विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।
इस सत्र की शुरुआत और अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी के बारे में अधिक जानने के लिए आप छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र की शुरुआत का यह वीडियो देख सकते हैं, जो इस पांच दिवसीय सत्र की पृष्ठभूमि और रणनीतियों को विस्तार से समझाता है।
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