'लखपति दीदी' बनाने वाली खुद बदहाली में, बिहान कार्यकर्ताओं का प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू
छत्तीसगढ़ में बिहान (NRLM) कैडर महिलाओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल। मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण और मोबाइल भत्ते की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) 'बिहान' के तहत जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर सीआरपी (CRP) और सक्रिय महिला संघ की हजारों सदस्यों ने सोमवार को प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए मोर्चा खोल दिया है।
मात्र ₹1910 में घर चलाना नामुमकिन: कार्यकर्ताओं का दर्द
आंदोलनकारी महिलाओं ने शासन को सौंपे गए ज्ञापन में अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए 8 प्रमुख मांगें रखी हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मात्र ₹1910 प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है, जो आज की महंगाई के दौर में मजाक के समान है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- मानदेय में वृद्धि: छत्तीसगढ़ न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत सम्मानजनक वेतन की मांग।
- नियमितीकरण: लंबे समय से कार्यरत कैडर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और औपचारिक नियुक्ति पत्र प्रदान करना।
- भत्तों की सुविधा: सारा काम ऑनलाइन होने के बावजूद मोबाइल और इंटरनेट का खर्च महिलाएं स्वयं वहन कर रही हैं। उन्होंने सरकारी मोबाइल और नेट भत्ते के साथ-साथ बैठकों में शामिल होने के लिए यात्रा भत्ता (TA/DA) की भी मांग की है।
- समय पर भुगतान: कई ब्लॉकों में 5-6 महीने से मानदेय लंबित है, जिसे हर महीने सीधे बैंक खाते में भेजने की मांग की गई है।
"हमें लखपति बनाने वालों की सुध कौन लेगा?"
संघ की अध्यक्ष पद्मा पाटिल और महासचिव बिंदु यादव ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शासन “लखपति दीदी” योजना का ढिंढोरा तो पीट रहा है, लेकिन जो महिलाएं गांव-गांव जाकर अन्य महिलाओं को लखपति बनाने के लिए पसीना बहा रही हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बजट में भी इन कैडर महिलाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान न होने से आक्रोश और गहरा गया है।
"हमने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की, जनवरी से लगातार प्रदर्शन किए, लेकिन हमें सिर्फ खोखले आश्वासन मिले। अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।" — बिंदु यादव, महासचिव, सक्रिय महिला**** संघ
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री (उपमुख्यमंत्री), मुख्य सचिव और कलेक्टर को प्रेषित किया गया है। प्रदेश भर में महिलाओं के काम बंद कर हड़ताल पर बैठने से बिहान योजना के तहत संचालित ग्रामीण गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगी।
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