दिल्ली में खड़गे के साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महारथियों का मंथन, क्या बदल जाएगा पार्टी का चेहरा?
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बड़ी बैठक हो रही है, जिसमें राहुल गांधी और सचिन पायलट की मौजूदगी में प्रदेश कार्यकारिणी के पुनर्गठन और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में भूपेश बघेल और दीपक बैज समेत राज्य के शीर्ष नेता शामिल हैं, जो आगामी चुनावों के मद्देनजर नई नियुक्तियों और जमीनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देंगे।Puja Sahu
नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ में विपक्षी दल के रूप में अपनी जमीन और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस आज देश की राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक करने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में राज्य के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर संगठन की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी।

दिग्गज नेताओं का जमावड़ा, राहुल गांधी भी हो सकते हैं शामिल सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और राज्य के कद्दावर नेता मौजूद रहेंगे।
बैठक में छत्तीसगढ़ से शामिल प्रमुख चेहरे: दीपक बैज: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. चरणदास महंत: नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव: पूर्व उपमुख्यमंत्री
मुख्य एजेंडा: नई कार्यकारिणी और 'मिशन मजबूती' इस बैठक का सबसे अहम मुद्दा प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन है। पिछले काफी समय से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए पदाधिकारियों की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की नई सूची पर अंतिम मुहर लग सकती है। बैठक के प्रमुख बिंदु: 1. संगठनात्मक बदलाव: पुराने चेहरों की जगह नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जगह देकर संगठन में नई जान फूंकना। 2. सरकार के खिलाफ रणनीति: राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार को धान खरीदी, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाना। 3. आगामी चुनावों की तैयारी: स्थानीय निकाय चुनावों और भविष्य की चुनौतियों के लिए कैडर को सक्रिय करना।

सियासी मायने : सचिन पायलट के प्रभारी बनने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में यह पहली इतनी बड़ी सांगठनिक बैठक है। दिल्ली में खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि हाईकमान छत्तीसगढ़ को लेकर गंभीर है और राज्य में गुटबाजी को खत्म कर एक संयुक्त नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
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