छत्तीसगढ़ विधानसभा में 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक' पारित, साहू समाज ने जताया हर्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026' पारित कर दिया गया है। साहू समाज ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे संस्कृति की रक्षा और अवैध धर्मांतरण पर लगाम लगाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक गलियारों से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य विधानसभा में बहुप्रतीक्षित 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक' को पारित कर दिया गया है। इस निर्णय का प्रदेश के प्रभावशाली साहू समाज ने गर्मजोशी से स्वागत किया है।
संस्कृति की रक्षा के लिए मील का पत्थर
विधेयक पारित होने के बाद साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक छत्तीसगढ़ की मूल पहचान और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में सहायक सिद्ध होगा।
धर्म परिवर्तन के खेल पर लगेगी लगाम
डॉ. नीरेंद्र साहू ने धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा: लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि भोले-भाले लोगों को लोभ और लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इस विधेयक के कानून बनने से अब ऐसे अनैतिक कार्यों पर प्रभावी रूप से रोक लगेगी।
समाज ने किया सरकार का धन्यवाद
साहू समाज का मानना है कि यह निर्णय न केवल धार्मिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा भी प्रदान करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पूरा साहू समाज एकजुट होकर इस निर्णय का समर्थन करता है और इसे भविष्य के लिए एक सुरक्षा कवच मानता है।
मुख्य बिंदु:
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुआ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक।
- साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने फैसले का स्वागत किया।
- लोभ-लालच से होने वाले धर्मांतरण पर अब होगी कड़ी कार्रवाई।
- साहू समाज ने इसे धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए बताया जरूरी।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
