अफीम मामले पर गरमाई सियासत: उपमुख्यमंत्री अरुण साव का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, बोले- "ये कांग्रेस के बोए बीज हैं"
अफीम की खेती मामले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस को घेरा। सीएम विष्णुदेव साय ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश। जानें छत्तीसगढ़ की इस बड़ी राजनीतिक हलचल के बारे में।Puja Sahu
रायगढ़ /रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। जहाँ एक ओर कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए इस पूरी स्थिति के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
साय सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि जैसे ही दुर्ग में अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। साव ने कहा: "मुख्यमंत्री जी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"
"कांग्रेस के शासन में बना नशे का गढ़"
कांग्रेस के तंज का जवाब देते हुए अरुण साव ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नशे का जाल पिछले पांच वर्षों में फैला है। उन्होंने कहा कि अफीम के ये पौधे रातों-रात पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि ये कांग्रेस के लगाए हुए बीज हैं। साव के अनुसार, कांग्रेस शासनकाल के दौरान छत्तीसगढ़ 'नशे का गढ़' बन गया था और वर्तमान सरकार अब उस गंदगी को साफ करने का काम कर रही है।
सरकार की आगामी रणनीति
उपमुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि साय सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
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त्वरित कार्यवाही: सूचना मिलते ही छापेमारी और पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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कड़ी निगरानी: नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार और खेती पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है।
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कोई ढील नहीं: नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को कोई राजनीतिक संरक्षण या छूट नहीं मिलेगी।
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