वन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 2 साल में बाघों की संख्या हुई दोगुनी; 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण
छत्तीसगढ़ वन मंत्री केदार कश्यप की प्रेस कॉन्फ्रेंस: 2 साल में बाघों की संख्या हुई दोगुनी, 7 करोड़ वृक्षारोपण और 1500 नई भर्तियों का ऐलान।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वन विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा पेश किया। मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश ने वन संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन में तेजी से विकास करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
बाघों की संख्या में भारी उछाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी खबर वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी रही। मंत्री कश्यप ने बताया कि साल 2022 की गणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या मात्र 17 थी। सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों और संवर्धन कार्यों के परिणामस्वरूप अब प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। विभाग बाघों के संरक्षण के लिए लगातार नई कार्ययोजनाओं पर काम कर रहा है।
वृक्षारोपण और सांस्कृतिक संरक्षण
पर्यावरण को मजबूती देने के लिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। आंकड़ों के अनुसार:
- पिछले दो वर्षों में 7 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।
- वन क्षेत्रों में आस्था और संस्कृति को सहेजने के लिए 435 देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया है।
- प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्रों की स्थापना की गई है, जिससे ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है।
रोजगार और नई भर्तियां
वन मंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि:
- विभाग में अब तक 463 पदों पर सीधी भर्ती की जा चुकी है।
- वर्तमान में 1500 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

गजराज का प्रबंधन और 'हाथी मित्र'
हाथियों की बढ़ती संख्या और मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने के लिए भी सरकार गंभीर है। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 355 हाथियों का विचरण हो रहा है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी के लिए 50 'हाथी मित्र' दलों का गठन किया गया है, जो स्थानीय स्तर पर समन्वय का काम कर रहे हैं।
चरण पादुका योजना की वापसी
भाजपा के चुनावी वादे को पूरा करते हुए विभाग ने चरण पादुका योजना को पुनर्जीवित किया है। कश्यप ने बताया कि वर्तमान में माताओं और बहनों को चरण पादुका का वितरण किया जा रहा है और आने वाले समय में पुरुषों को भी इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
मंत्री केदार कश्यप ने अंत में कहा कि प्रदेश की वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और साय सरकार इस दिशा में 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।
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