खाद्य सचिव रीना कंगाले ने ली तेल कंपनियों की समीक्षा बैठक; अवैध रिफिलिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने प्रदेश की तेल कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।Puja Sahu
रायपुर : प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य सरकार अब एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में खाद्य सचिव रीना कंगाले ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की वर्तमान गैस आपूर्ति स्थिति का जायजा लिया गया और भविष्य की रणनीति पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
गैस स्टॉक की स्थिति और आपूर्ति प्राथमिकता
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में गैस का स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
आपूर्ति को लेकर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान: कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में अस्पतालों और स्कूलों/कॉलेजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- होटल और व्यावसायिक संस्थान: होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को वर्तमान सप्लाई में 15% की कटौती करने पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं के लिए आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
अवैध कारोबार पर कसता शिकंजा
खाद्य सचिव ने जिलों में हो रही अवैध गैस रिफिलिंग और सिलेंडरों के दुरुपयोग को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गैस के अवैध भंडारण और रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
"गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी बनाना और आम जनता को राहत पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।" — रीना कंगाले, खाद्य सचिव
शिकायत के लिए जारी हुआ टोल-फ्री नंबर
यदि उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग से संबंधित कोई भी शिकायत है, तो वे सीधे विभाग द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1800-233-3663
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