मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली गांवों की सूरत, 450 गांवों तक पहली बार पहुंची यात्री बसें
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से प्रदेश के 450 गांवों तक पहली बार पहुंची बस सेवा। 2026-27 में 200 नई बसें शुरू करने का लक्ष्य। ईवी (EV) खरीदने पर पाएं ₹1 लाख तक की छूट और 'बस संगवारी' ऐप से देखें लाइव लोकेशन।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप आज गुरुवार काे प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के दो साल पूरे होने पर विभाग की दो सालों की उपलब्धियां गिनाई है। साथ ही आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने ग्रामीण कनेक्टिविटी और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में परिवहन सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे हजारों ग्रामीणों का जीवन सुगम हो गया है।
ग्रामीण संपर्क का नया अध्याय
साल 2025 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा जैसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों के जिलों में 100 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्तमान में, विभाग द्वारा 69 चयनित मार्गों पर 69 बसों का सफल संचालन किया जा रहा है। इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रदेश के 450 नए गांवों तक आजादी के बाद पहली बार यात्री बस सुविधा पहुंची है। सरकार की योजना अब इसे और विस्तार देने की है; वर्ष 2026-27 के लिए 200 नई बसों के संचालन की कार्ययोजना तैयार की गई है।
सड़क सुरक्षा: एक गंभीर चुनौती
जहाँ एक ओर सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 15,000 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 6,700 लोगों ने अपनी जान गंवाई। विभाग अब सुरक्षा मानकों और निगरानी को कड़ा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
तकनीकी नवाचार और 'बस संगवारी'
परिवहन सेवाओं में पारदर्शिता और यात्री सुविधा के लिए 'बस संगवारी' मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है।
- लाइव लोकेशन: यात्री अब भविष्य में बसों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे, जिससे उन्हें स्टैंड पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- पारदर्शिता: यात्री वाहनों के परमिट की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।
- रिकॉर्ड सेवाएं: जून 2022 से 9 फरवरी 2026 के बीच विभाग ने लगभग 53.26 लाख ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र जारी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, छत्तीसगढ़ की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति के तहत खरीदारों को भारी सब्सिडी दी जा रही है। हर EV क्रेता को वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपये की छूट दी जा रही है। इस प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीयन में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। "हमारा लक्ष्य न केवल गांवों को शहरों से जोड़ना है, बल्कि परिवहन को सुरक्षित, सस्ता और आधुनिक बनाना भी है।" — परिवहन विभाग
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
