139.85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी के साथ सीजन समाप्त, अकाल और सख्ती ने रोकी रफ्तार
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान संपन्न हुआ। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के अनुसार राज्य में 139.85 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समय सीमा समाप्त हो गई है। राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में कुल 139.85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने इस वर्ष खरीदी में आई कमी के लिए कम उत्पादन और बाहरी धान की आवक पर की गई सख्त निगरानी को मुख्य कारण बताया है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
कुल खरीदी: 139.85 लाख मीट्रिक टन लाभान्वित किसान: लगभग 25 लाख 11 हजार खेती का रकबा: 31 लाख 31 हजार हेक्टेयर खरीदी की अवधि: 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
खरीदी कम होने के मुख्य कारण खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार आंकड़े थोड़े कम रहे हैं, जिसके पीछे ठोस कारण हैं।
उत्पादन में गिरावट और अकाल: राज्य के कई हिस्सों में अल्प वर्षा और अकाल जैसी स्थितियों के कारण फसल की पैदावार प्रभावित हुई।
तकनीकी निगरानी और सख्ती: इस बार सरकार ने 'बिचौलियों' और दूसरे राज्यों (जैसे ओडिशा, महाराष्ट्र) से आने वाले अवैध धान को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया:
AI-आधारित निगरानी: खरीदी केंद्रों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नजर रखी गई।
CCTV और GPS: परिवहन करने वाले वाहनों में GPS और केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की गई।
सड़क चौकसी: सीमावर्ती सड़कों पर लगे कैमरों ने अवैध आवक को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।
"हमने सुनिश्चित किया कि छत्तीसगढ़ के असली किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाए, लेकिन अवैध रूप से खपाए जाने वाले बाहरी धान के लिए इस बार कोई जगह नहीं थी।" — दयाल दास बघेल, खाद्य मंत्री
आगे की रणनीति
मंत्री बघेल ने कहा कि सरकार ने किसानों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा और भुगतान प्रक्रिया को भी सुचारू बनाया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सीजन के समापन के बाद वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेंगे। धान खरीदी के अंतिम आंकड़ों और यदि किसी क्षेत्र में विशेष छूट या अगले कदम की आवश्यकता हुई, तो उसका अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
