सीएम साय ने पुलिस विभाग को दी ₹255 करोड़ की सौगात, विकास कार्यों का किया वर्चुअल लोकार्पण
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस विभाग के ₹255 करोड़ की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस परियोजना के तहत राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 8 नए साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही नए थाना भवन, पुलिस आवास, भारत वाहिनी कैंपस और चौकियां भी जनता को समर्पित की गईं, जिससे पुलिसिंग की दक्षता और जवानों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। एक विशेष वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

पुलिस अधोसंरचना में होगा क्रांतिकारी सुधार
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना और उनके कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाना है। इस भव्य आयोजन में राज्य की सुरक्षा को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसके तहत पुलिस विभाग के लिए नए बुनियादी ढांचे और तकनीकी संसाधनों को जनता को समर्पित किया गया।
लोकार्पण किए गए कार्यों में शामिल हैं:
नये थाना भवन: राज्य के विभिन्न जिलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए पुलिस थानों का निर्माण।
पुलिस आवास: पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर आवासीय टावर।
प्रशिक्षण केंद्र: जवानों की दक्षता बढ़ाने के लिए उन्नत प्रशिक्षण केंद्रों का उन्नयन।
तकनीकी विकास: साइबर अपराध से निपटने के लिए नई लैब और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर।
"सुरक्षा और विश्वास हमारी प्राथमिकता"
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
"पुलिस का मनोबल तभी ऊंचा रहता है जब उन्हें काम करने के लिए बेहतर वातावरण और सुरक्षा मिले। ये ₹255 करोड़ के कार्य न केवल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और बेहतर पुलिस सेवा प्राप्त होगी।"

कानून व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
इस निवेश से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक पुलिस की पहुंच और निगरानी क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने राज्य में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बड़े विस्तार की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अब राज्य में पुलिस थानों का जाल बिछाया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव सहित कुल 8 नए साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रदेश के केवल 5 जिलों में ही साइबर थाने संचालित थे, जिन्हें अब बढ़ाकर तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बना दिया गया है। गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थानों का विस्तार किया जाएगा, जिससे डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना क्षेत्र में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी और कई आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया।
इस व्यापक लोकार्पण अभियान का प्रभाव पूरे प्रदेश में देखने को मिला, जिसमें बस्तर से लेकर बलरामपुर तक के जिले लाभान्वित हुए। लोकार्पण कार्यक्रमों की श्रृंखला में बालोद, महासमुंद, धमतरी, रायपुर, बीजापुर, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर, दुर्ग, बेमेतरा, सूरजपुर और कोरिया जैसे जिलों में नए थाना भवन, चौकियां और एसडीओपी कार्यालय क्रियाशील हो गए हैं।
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल समारोह में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि कि भी सहभागिता रही, जिन्होंने इसे राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक "नया अध्याय" बताया।
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