अफीम कांड पर विधानसभा में 'आर-पार': सरकार और विपक्ष के बीच छिड़ी जुबानी जंग
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 8 करोड़ रुपये की अवैध अफीम खेती का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहाँ पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सीधे खेत पहुंचकर सरकार को घेरा, वहीं विधानसभा में हंगामे के चलते 31 कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया है।Puja Sahu
दुर्ग/रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। दुर्ग जिले के समोदा-झेंझरी गांव में करीब 5 से 6 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 लाख से अधिक अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
मुख्य आरोपी भाजपा नेता गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे में राजस्थान के तार भी जुड़े हुए हैं। राजस्थान निवासी मनीष ठाकुर और विकास विश्नोई को भी आरोपी बनाया गया है। अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि फरार अन्य दो आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें राजस्थान भेजी गई हैं।
कलेक्टर ने बनाई कमेटी, 600 क्विंटल पौधे किए गए नष्ट
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि जब्त किए गए अफीम के पौधों की अनुमानित कीमत 8 करोड़ रुपये है। लगभग 600 क्विंटल पौधों को नष्ट गया।
- नष्टीकरण की विधि: खेतों में ट्रैक्टर चलाए जा रहे हैं और स्थानीय महिलाओं व पुलिस जवानों की मदद से पौधों को उखाड़ा जा रहा है।
- जांच कमेटी: नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए दुर्ग आईजी अभिषेक शांडिल्य की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया था।
विधानसभा में भारी हंगामा, 31 विधायक निलंबित
इस मुद्दे की गूंज छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी सुनाई दी। विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए इस पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग की। सदन में हुए जबरदस्त हंगामे और नारेबाजी के कारण कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद स्पीकर ने कांग्रेस के 31 विधायकों को निलंबित कर दिया।
भूपेश बघेल ने सीधे खेत से सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वयं उस खेत का दौरा किया जहाँ अफीम उगाई जा रही थी। उन्होंने भाजपा नेताओं की संलिप्तता पर कड़े सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में इस तरह के अवैध काम फल-फूल रहे हैं। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश में इस तरह की अवैध खेती का होना सुरक्षा और खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता है। इसमें शामिल रसूखदारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। —विपक्ष का बयान
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस नेटवर्क की 'एंड-टू-एंड' जांच कर रहे हैं ताकि इस अवैध व्यापार की जड़ों तक पहुँचा जा सके।
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