साय कैबिनेट के बड़े फैसले; 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026' को मंजूरी, सरकारी भर्तियों में नकल रोकने के लिए कड़ा कानून
छत्तीसगढ़ की साय कैबिनेट ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 और नकल रोकथाम विधेयक को मंजूरी दी। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के लिए कर्मचारी चयन मण्डल का गठन और सोलर-बायोगैस पर भारी अनुदान का फैसला।Puja Sahu
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने 'छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026' के प्रारूप को मंजूरी देने के साथ ही सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने के लिए 'नकल रोकथाम विधेयक' को भी हरी झंडी दिखा दी है।
धर्मांतरण पर लगेगी लगाम: धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026
राज्य सरकार ने धर्मांतरण के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों या अनुचित प्रभाव के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण को प्रभावी ढंग से रोकना है।
सरकारी भर्तियों के लिए 'कर्मचारी चयन मण्डल' का गठन
युवाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक 2026 को मंजूरी दी है। यह मण्डल राज्य के विभिन्न कार्यालयों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी (तकनीकी एवं गैर-तकनीकी) के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगा।
साथ ही, परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई है, जिससे पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर लगाम कसी जा सकेगी।
आम जनता को बड़ी राहत: उपकर शुल्क समाप्त
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के माध्यम से पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब के वित्त पोषण के लिए स्टाम्प शुल्क पर 12% अतिरिक्त उपकर लगाया गया था। चूंकि अब यह योजना संचालित नहीं है, इसलिए सरकार ने जनता पर से यह आर्थिक बोझ हटाने का फैसला किया है।
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा: सोलर और बायोगैस पर भारी अनुदान
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए मंत्रिपरिषद ने अनुदान की नई दरें तय की हैं:
- सोलर हाईमास्ट संयंत्र: वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 1.50 लाख रुपए का राज्य अनुदान। आगामी वर्षों के लिए निविदा दर का 30% या 1.50 लाख (जो भी कम हो)।
- घरेलू बायोगैस संयंत्र: 2 से 6 घन मीटर क्षमता के संयंत्रों पर 9,000 रुपए प्रति यूनिट का अनुदान दिया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- राजनीतिक प्रकरणों की वापसी: मंत्रिपरिषद की उप-समिति की सिफारिश पर राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को न्यायालय से वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
- खेल विकास: राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ एक अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी का निर्माण होगा।
- विधेयक संशोधन: छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश, गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972, और भू-राजस्व संहिता 1959 की विभिन्न धाराओं (40, 50, 59) में संशोधन के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
साय सरकार के ये निर्णय स्पष्ट करते हैं कि सरकार एक ओर जहाँ सांस्कृतिक और धार्मिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सुधारों और युवाओं के रोजगार के लिए एक पारदर्शी तंत्र विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
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