सुशासन तिहार में अजीबोगरीब मांग: ग्रामीण ने कहा- 'शराब की बोतल पर भी लगे मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की फोटो'
छत्तीसगढ़ के मुंगेली में 'सुशासन तिहार 2026' शिविर में एक ग्रामीण ने शराब की बोतल पर मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की फोटो लगाने की अनोखी मांग कर सबको चौंका दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।Puja Sahu
बिलासपुर/मुंगेली : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशभर में 'सुशासन तिहार' का आयोजन किया जा रहा है, जहां लोग अपनी बुनियादी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले मुंगेली नगर पालिका (तखतपुर क्षेत्र) में शुक्रवार को आयोजित समाधान शिविर में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों से लेकर आम जनता तक, सभी को हैरान कर दिया है।
एक ग्रामीण ने लिखित आवेदन देकर मांग की है कि सरकारी योजनाओं की तरह अब शराब की बोतलों पर भी सूबे के मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की तस्वीर छापी जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, तखतपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 3 में शुक्रवार को 'सुशासन तिहार 2026' के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में ग्रामीण परमेश्वर सिंह ठाकुर अपनी एक अनोखी मांग लेकर पहुंचे। उन्होंने बाकायदा एक आवेदन सौंपते हुए तर्क दिया कि जब शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी राशन के थैलों और अन्य प्रचार सामग्रियों में मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों की तस्वीरें लगाई
जाती हैं, तो फिर शराब की बोतलों को इससे अछूता क्यों रखा गया है? ग्रामीण की मांग है कि पारदर्शिता और सरकारी प्रचार के तहत शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की फोटो अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए।
अधिकारियों ने क्या कहा?
इस अजीबोगरीब आवेदन को देखकर शिविर में तैनात अधिकारी भी एक पल के लिए सख्ते में आ गए। हालांकि, लोक सेवा और नियमों का हवाला देते हुए संबंधित अधिकारियों ने आवेदन को स्वीकार कर लिया है।
अधिकारियों का बयान:
"हमें ग्रामीण की ओर से यह अनोखा आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन मिलने की पुष्टि की जा चुकी है और इसे नियमानुसार आगामी कार्रवाई व अवलोकन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।"
इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म
सुशासन तिहार के मंच पर आए इस अनोखे आवेदन के बाद से ही पूरे इलाके और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोई इसे व्यवस्था पर एक करारा व्यंग्य मान रहा है, तो कोई इसे ग्रामीण का अनोखा विरोध प्रदर्शन कह रहा है। फिलहाल, यह अजीबोगरीब मांग पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
