छत्तीसगढ़ विधानसभा: स्मार्ट सिटी, जल जीवन मिशन और गिग वर्कर्स के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गूँजा स्मार्ट सिटी, जल जीवन मिशन और गिग वर्कर्स के शोषण का मुद्दा। बिलासपुर में ऑक्सीज़ोन की कमी और जोमैटो-स्विग्गी डिलीवरी बॉयज़ के भविष्य पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। जानिए मंत्री अरुण साव और लखन लाल देवांगन ने सदन में क्या बड़े खुलासे किए।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में बिलासपुर स्मार्ट सिटी, जल जीवन मिशन की गुणवत्ता, गिग वर्कर्स के भविष्य और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण को लेकर जमकर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इन जनहित के मुद्दों पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी: मार्च 2026 में खत्म हो रही मियाद, नया ऑक्सीज़ोन नहीं
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी में हरियाली और ऑक्सीज़ोन का मुद्दा उठाया। उन्होंने शहर में पौधरोपण और नए ऑक्सीज़ोन की योजना पर जानकारी मांगी।
जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि:
- बिलासपुर में अब तक 8 उद्यानों का विकास किया गया है।
- नगर निगम ने स्वयं पौधरोपण नहीं कराया है, लेकिन विभिन्न संस्थाओं ने 5,000 पौधे लगाए हैं, जिनमें से 4,000 जीवित हैं।
- स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि मार्च 2026 में समाप्त हो रही है, इसलिए नया ऑक्सीज़ोन प्रस्तावित नहीं है। हालांकि, नगरीय निकाय मद से राशि जारी कर मुक्तिधाम और ग्रीनरी के कार्यों को पूरा किया जाएगा।
जल जीवन मिशन: गुणवत्ता पर उठे सवाल
कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने बालोद विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि जहाँ काम खराब हुआ है, उन पर क्या कार्रवाई होगी? मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि विधायक उन क्षेत्रों की जानकारी दें जहाँ काम मानक के अनुरूप नहीं है, सरकार उन पर सख्त कार्रवाई करेगी।
गिग वर्कर्स का मुद्दा: 'शोषण का शिकार हो रहे छत्तीसगढ़ के बच्चे'
सदन में जोमैटो, स्विग्गी, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग वर्कर्स का मुद्दा भी गरमाया। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि ये श्रमिक 'संगठित' श्रेणी में आते हैं या 'असंगठित'। उन्होंने चिंता जताई कि जब तक स्पष्ट अधिनियम नहीं बनेगा, राज्य के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि:
- गिग वर्कर्स फिलहाल किसी भी श्रेणी में नहीं आते हैं।
- भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के नियम बनते ही इसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा।
- मंत्री ने दावा किया कि अभी किसी भी राज्य ने इस पर पूर्ण नियम नहीं बनाया है और छत्तीसगढ़ में यह प्रक्रियाधीन है।
एसटीपी निर्माण: जानकारी छिपाने पर घिरे अधिकारी
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण में हो रही देरी और आंकड़ों में विसंगति का मुद्दा उठाया। महंत ने आरोप लगाया कि अधिकारी सदन को गुमराह कर रहे हैं और हर बार 'प्रक्रियाधीन' का जवाब थमा देते हैं।
विभागीय मंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि:
- वर्तमान में 96 एसटीपी निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
- 101 नगरीय निकायों के लिए पुख्ता योजना तैयार की जा रही है।
- जो काम शुरू नहीं हुए थे, उन्हें फिलहाल रोका गया है।
महंत ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर सजा के प्रावधान की मांग की, जिस पर मंत्री ने कहा कि जरूरत के हिसाब से ही काम स्वीकृत किए गए हैं।
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