मुख्यमंत्री साय का कड़ा निर्देश: जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग कराने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैनुअल स्कैवेंजिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हाल ही में हुई तीन मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए सीएम ने सीवरेज सफाई के लिए नए सुरक्षा मानक और केवल पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कार्य कराने के आदेश जारी किए हैं। राज्य अब आधिकारिक तौर पर 'मैन्युअल स्कैवेंजर्स मुक्त' घोषित हो चुका है।Puja Sahu
रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में मैनुअल स्कैवेंजिंगकी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़े तेवर अपनाए हैं। विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित 'राज्य अनुश्रवण समिति' की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति किसी से जबरन या दबावपूर्वक सीवरेज की सफाई कराएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीवरेज सफाई के लिए नए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई को लेकर नए एवं स्पष्ट सुरक्षा मानक जारी करने के निर्देश दिए हैं। अब राज्य में:
- सफाई कार्य केवल नगर निगम या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही किया जा सकेगा।
- सफाई के दौरान सभी सुरक्षा मापदंडों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा ताकि भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना न हो।
तीन मजदूरों की मौत पर जताया गहरा दुख
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की दर्दनाक मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
- इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
अधिनियम और दंड का प्रावधान
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि 'हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013' के तहत दोषियों को एक वर्ष का कारावास या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण: राज्य हुआ 'मैन्युअल स्कैवेंजर्स मुक्त'
बैठक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए प्रमुख सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में प्रदेश के सभी जिलों में पुनर्सर्वेक्षण कराया गया था। सभी जिला कलेक्टरों द्वारा राज्य को 'मैनुअल स्कैवेंजर्स मुक्त' होने का प्रमाण पत्र दिया गया है, जो प्रदेश के लिए सम्मान और गौरव का विषय है।
"हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों और संविधान के विरुद्ध है। समाज में हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।"
— सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव
बैठक में मुख्य उपस्थिति
राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की इस पहली बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव विकासशील, डीजीपी अरुण देव गौतम और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्ष 2018 की कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया गया और 20 अक्टूबर 2023 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में किए गए सर्वेक्षणों पर चर्चा की गई।
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