सादेपन और स्नेह की मिसाल: बच्चों के संग मुख्यमंत्री साय ने मनाया अपना 62वां जन्मदिन
मुख्यमंत्री साय ने अपना 62वां जन्मदिन जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के आदिवासी बच्चों के साथ सादगी से मनाया। बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।Puja Sahu
बगिया : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने 62वें जन्मदिन को किसी भव्य समारोह के बजाय मासूमों की मुस्कान के नाम कर दिया। जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के आदिवासी बच्चों के बीच पहुँचकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि एक जनसेवक के लिए जनता का स्नेह ही सबसे बड़ा उपहार है। इस भावुक और गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ जन प्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।
अभिभावक के रूप में नज़र आए मुख्यमंत्री
जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम पहुँचे, वहाँ का माहौल किसी उत्सव में बदल गया। प्रोटोकॉल की दीवारों को परे रख मुख्यमंत्री बच्चों के बीच एक 'अभिभावक' की भूमिका में दिखे। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर केक काटा और उन्हें अपने हाथों से चॉकलेट खिलाई। उन्होंने बच्चों से उनके नाम और भविष्य के सपनों के बारे में आत्मीय चर्चा की। बच्चों को मन लगाकर पढ़ने और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। नन्हें बच्चों ने भी पूरी सहजता के साथ मुख्यमंत्री से बातें कीं, जिससे पूरा परिसर एक पारिवारिक मिलन स्थल जैसा लगने लगा।
"आप सभी के चेहरों की यह मासूम मुस्कान ही मेरे जन्मदिन का अब तक का सबसे अनमोल और बड़ा उपहार है।"
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
प्रेरणा बना यह अवसर
बगिया बालक आश्रम में पहली से पाँचवीं कक्षा तक के छात्र पढ़ाई करते हैं, जिनमें अधिकांश आदिवासी समुदाय से हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुँचने वाले साय को अपने बीच पाकर ये बच्चे न केवल उत्साहित थे, बल्कि उनके लिए यह पल एक बड़ी प्रेरणा भी बना।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
