ED का बड़ा एक्शन: 641 करोड़ के साइबर फ्रॉड में 2 CA समेत 10 गिरफ्तार, दुबई और क्रिप्टो तक फैला था नेटवर्क
641 करोड़ का महा-घोटाला! ED ने 2 CA समेत 10 आरोपियों को दबोचा। दिल्ली से लेकर दुबई और क्रिप्टोकरेंसी तक फैला था ठगी का नेटवर्क। पूरी खबर पढ़ें।Puja Sahu
नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में निवेश और ऑनलाइन जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा नेटवर्क करीब 641 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड को अंजाम दे चुका है।
पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स चला रहे थे 'मनी लॉन्ड्रिंग' का खेल
पकड़े गए आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक कुमार शर्मा और भास्कर यादव मुख्य रूप से शामिल हैं। इन्हें 28 फरवरी 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि इस गिरोह में अजय और विपिन यादव जैसे अन्य पेशेवर भी शामिल थे, जो मिलकर एक बेहद जटिल मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम चला रहे थे।
कैसे काम करता था यह सिंडिकेट?
ED की जांच के अनुसार, ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने एक व्यवस्थित तरीका अपनाया था:
- म्यूल बैंक खाते: ठगी का पैसा सबसे पहले अलग-अलग फर्जी (म्यूल) बैंक खातों में जमा कराया जाता था।
- शेल कंपनियां: दिल्ली के बिजवासन इलाके में करीब 20 से ज्यादा फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं, जिनका इस्तेमाल पैसे के रोटेशन के लिए होता था।
- विदेशी कनेक्शन: पैसा भारत से बाहर भेजने के लिए यूएई की फिनटेक कंपनी 'PYYPL' के प्रीपेड कार्ड वॉलेट का इस्तेमाल किया गया।
- क्रिप्टोकरेंसी: जांच में पता चला कि पैसे को दुबई में निकाला जाता था या फिर इसकी पहचान छिपाने के लिए इसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अलग-अलग डिजिटल वॉलेट में भेज दिया जाता था।
फरार थे आरोपी, कोर्ट में किया सरेंडर
इससे पहले जब ED ने छापेमारी की थी, तब दोनों मुख्य आरोपी (CA) फरार हो गए थे। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की याचिकाएं भी दायर कीं, लेकिन राहत न मिलने पर उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा। इसके बाद ED ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
अब तक की कार्रवाई
- कुल गिरफ्तारियां: 10 लोग।
- संपत्ति अटैच: ED अब तक इस मामले में 8.67 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
- कानूनी स्थिति: विशेष PMLA कोर्ट ने मामले में दायर की गई दो शिकायतों पर संज्ञान ले लिया है और आगे की कार्यवाही जारी है।
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