नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भूपेश बघेल का हमला, बोले—“यह महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का बिल” , पूर्व सीएम ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।Bhupesh Tandiya
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण 2023 में पहले ही पारित हो चुका है, ऐसे में यह नया संशोधन महिला आरक्षण का बिल नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ है।
बघेल ने कहा कि प्रस्तावित बिल में साफ लिखा है कि जनगणना के बाद परिसीमन होगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पूरे देश में लागू किया जा सकता है, तो जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना की तय समयसीमा पहले ही निकल चुकी है।
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि इस बिल का उद्देश्य छोटे राज्यों के अधिकारों को कमजोर करना है। उनका कहना था कि प्रस्तावित बदलावों से बड़े राज्यों को ज्यादा फायदा मिलेगा, जबकि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रतिशत का नहीं, बल्कि वास्तविक आंकड़ों का है।
इसके अलावा बघेल ने चुनावी माहौल में विशेष सत्र बुलाने और आचार संहिता के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक संकट में है, इसलिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।
साथ ही उन्होंने बीजेपी, RSS और विश्व हिंदू परिषद पर निशाना साधते हुए कहा कि इन संगठनों ने कभी किसी महिला को अध्यक्ष नहीं बनाया।
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