अश्लील कंटेंट पर डिजिटल स्ट्राइक: मोदी सरकार ने 5 OTT प्लेटफॉर्म्स को किया ब्लॉक
मोदी सरकार की डिजिटल स्ट्राइक: अश्लील कंटेंट परोसने वाले 5 OTT प्लेटफॉर्म्स (MoodXVIP, Feel, Jugnu आदि) को सूचना मंत्रालय ने किया ब्लॉक। जानें किन कानूनों के उल्लंघन पर हुई यह बड़ी कार्रवाई।Puja Sahu
नई दिल्ली: इंटरनेट पर परोसे जा रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ भारत सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए 5 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया।
सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे थे।
इन 5 प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज
मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है उनमें शामिल हैं:
- मूडएक्सवीआईपी (MoodXVIP)
- कोयल प्लेप्रो (Koyal Playpro)
- डिजी मूवीप्लेक्स (Digi Movieplex)
- फील (Feel)
- जुगनू (Jugnu)
कार्रवाई का आधार: किन कानूनों का हुआ उल्लंघन?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन एप्स पर दिखाया जा रहा कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम 1986 के मानकों का उल्लंघन कर रहा था। मुख्य रूप से इन चार धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
- IT एक्ट, 2000 (धारा 67): इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट प्रकाशित करना अपराध है।
- IT एक्ट, 2000 (धारा 67A): यौन गतिविधियों से जुड़े वीडियो या कंटेंट पोस्ट करना गैरकानूनी है।
- BNS 2023 (धारा 294): सार्वजनिक डिजिटल स्पेस में अश्लील हरकतें या शब्दों का इस्तेमाल दंडनीय है।
- महिला अश्लील निषेध एक्ट 1986 (धारा 4): महिलाओं को अपमानजनक या अश्लील तरीके से दिखाना कानूनन अपराध हैं।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने इस तरह का कदम उठाया है। पिछले कुछ वर्षों में अश्लील कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े एक्शन लिए गए हैं। ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म्स में से ALTT को 2017 में एकता कपूर ने और Ullu को 2018 में विभु अग्रवाल ने लॉन्च किया था।
क्या कहती है सरकार की गाइडलाइन?
2021 में लागू किए गए और 2023 में अपडेट किए गए 'डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड' के अनुसार, सभी OTT प्लेटफॉर्म्स को कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
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कंटेंट रेटिंग: दर्शकों की उम्र के हिसाब से कैटेगरी तय करना।
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डिस्क्लेमर: कंटेंट शुरू होने से पहले चेतावनी देना।
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ग्रीवांस ऑफिसर: शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारी की नियुक्ति।
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मर्यादा: कंटेंट में राष्ट्र विरोधी तत्व, बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें या अत्यधिक यौन चित्रण नहीं होना चाहिए।
सरकार की इस कार्रवाई से उन कंटेंट क्रिएटर्स और प्लेटफॉर्म्स को कड़ा संदेश गया है जो नियमों की अनदेखी कर "सॉफ्ट पोर्न" या आपत्तिजनक सामग्री परोस रहे हैं।
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