भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने रचा इतिहास, $709 अरब के पार पहुँचकर बनाया नया रिकॉर्ड
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.05 अरब डॉलर की भारी बढ़त के साथ $709.41 अरब के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। आरबीआई के अनुसार, स्वर्ण भंडार में भी उछाल आया है जो अब $123.08 अरब के उच्चतम स्तर पर है। मात्र दो सप्ताह के भीतर कुल भंडार में $22 अरब से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।Puja Sahu
मुंबई : भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार को जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 8.053 अरब डॉलर की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 709.413 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया।
दो हफ्तों में $22 अरब से ज्यादा का उछाल
यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले सप्ताह इसमें 14.167 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। इस तरह, मात्र दो सप्ताह के भीतर ही भारत के भंडार में कुल 22.22 अरब डॉलर का ज़बरदस्त उछाल आया है। इससे पहले का रिकॉर्ड 27 सितंबर 2024 को बना था, जब भंडार 704.885 अरब डॉलर रहा था।
स्वर्ण भंडार में भी रिकॉर्ड बढ़त
विदेशी मुद्रा भंडार के साथ-साथ भारत के स्वर्ण भंडार (gold reserves) में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह में वृद्धि: 5.635 अरब डॉलर कुल स्तर: 123.088 अरब डॉलर (नया रिकॉर्ड) विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में लगातार आ रही तेज़ी के कारण स्वर्ण भंडार के मूल्य में यह उछाल आया है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) का प्रदर्शन विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (Foreign Currency Assets), भी 2.367 अरब डॉलर बढ़कर 562.885 अरब डॉलर पर पहुँच गई हैं। इन परिसंपत्तियों में अमेरिकी डॉलर के अलावा जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड और यूरो जैसी प्रमुख मुद्राएं शामिल हैं, जिनका मूल्यांकन डॉलर के सापेक्ष उनकी विनिमय दर के आधार पर किया जाता है।
अन्य प्रमुख आंकड़े
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार अन्य घटकों में भी सुधार देखा गया है।
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विशेष आहरण अधिकार (SDR): 3.3 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 18.737 अरब डॉलर।
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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास आरक्षित निधि: 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.703 अरब डॉलर।
विदेशी मुद्रा भंडार का यह स्तर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बाहरी झटकों को सहने की उसकी क्षमता को दर्शाता है।
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