मिडल-ईस्ट तनाव की आग भारतीय रसोई तक: संसद में गूंजे 'बर्तन', राहुल गांधी ने विदेश नीति पर उठाए सवाल
ईरान-इजराइल युद्ध की आंच भारतीय रसोई तक! देश में गैस सिलेंडर की किल्लत पर संसद में टीएमसी सांसदों ने बर्तन बजाकर किया विरोध, राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति को ठहराया जिम्मेदार।Puja Sahu
नई दिल्ली: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव का सीधा असर अब भारत की आम जनता की थाली और रसोई तक पहुंच गया है। देश में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत को लेकर अब सड़क से लेकर संसद तक सियासी घमासान छिड़ गया है। गुरुवार को लोकसभा में इस मुद्दे पर एक अनोखा और अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला, जब विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए बर्तनों का सहारा लिया।
संसद में गूंजे फ्राईंग पैन और चम्मच
सदन की कार्यवाही के दौरान जब बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल अपनी बात रख रहे थे, तभी टीएमसी (TMC) की महिला सांसदों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। महुआ मोइत्रा, सयानी घोष, जून मालिया, प्रतिभा मंडल और माला राय अपने साथ सदन में फ्राईंग पैन और चम्मच लेकर पहुंचीं और उन्हें बजाना शुरू कर दिया।
इस शोर-शराबे और विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि देश को एकजुट होकर वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने का है।"
राहुल गांधी का सरकार पर हमला: "ऊर्जा सुरक्षा से समझौता"
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने इस संकट के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा:
"गैस और पेट्रोल की यह समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया है। यह सरकार की खराब विदेश नीति का नतीजा है। प्रधानमंत्री मोदी को तुरंत इस पर तैयारी शुरू करनी चाहिए।"
टीएमसी का तंज: "फिर वही कतारें"
पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कमर्शियल एलपीजी की कमी पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि सरकार को पश्चिम एशिया के हालात का पहले से पता था, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पहले नोटबंदी और फिर 'एसआईआर' के दौरान जनता लाइनों में खड़ी थी, अब गैस के लिए भी वही हालात पैदा कर दिए गए हैं।"
यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है क्योंकि वैश्विक तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
