ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला कड़ा संदेश: 'होर्मुज की खाड़ी होगी बंद, शहीदों का लेंगे बदला'
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालते ही अमेरिका और इजरायल को सीधी चेतावनी दी है। सरकारी टीवी पर जारी संदेश में उन्होंने 'शहीदों का बदला' लेने और वैश्विक तेल मार्ग 'होर्मुज की खाड़ी' को बंद करने की धमकी दी है, जिससे मिडिल ईस्ट युद्ध अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है।Puja Sahu
तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला आधिकारिक बयान जारी कर दुनिया भर में हलचल मचा दी है। गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित इस संदेश में खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को सीधी चेतावनी देते हुए 'विनाशकारी' कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
टीवी पर पढ़ा गया संदेश, कैमरे से दूर रहे खामेनेई
हैरानी की बात यह रही कि मोजतबा खामेनेई खुद कैमरे के सामने नहीं आए। उनका संदेश एक टीवी प्रेजेंटर द्वारा पढ़ा गया और स्क्रीन पर उनकी तस्वीर दिखाई गई। हाल ही में इजरायली इंटेलिजेंस ने दावा किया था कि युद्ध की शुरुआती गोलाबारी में मोजतबा घायल हो गए थे, ऐसे में उनका सीधे सामने न आना इन कयासों को और बल दे रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रहार: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद करने की धमकी
अपने संबोधन में खामेनेई ने सबसे बड़ी धमकी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस समुद्री मार्ग को बंद रखा जाना चाहिए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। यदि ईरान इसे बंद करता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
'शहीदों और बच्चों की मौत का लेंगे बदला'
अल्लाह के नाम से अपना संबोधन शुरू करते हुए सुप्रीम लीडर ने कहा कि ईरान न्याय और शांति के मार्ग पर अडिग है, लेकिन अपने दुश्मनों को माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा:
- ईरान अपने शहीदों, विशेषकर युद्ध में मारे गए निर्दोष बच्चों का बदला जरूर लेगा।
- अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखा जाएगा।
- दुश्मन की संपत्तियों (Assets) को भी उसी स्तर तक नष्ट किया जाएगा, जिस स्तर तक उन्होंने ईरान को नुकसान पहुँचाया है।
पड़ोसी देशों को चेतावनी और लड़ाकों का आभार
खामेनेई ने पड़ोसी खाड़ी देशों के प्रति दोस्ताना रुख की बात तो की, लेकिन एक सख्त शर्त भी रखी। उन्होंने साफ कहा कि जिन खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होगा, उन्हें निशाना बनाया जाएगा।
उन्होंने ईरानी लड़ाकों की प्रशंसा करते हुए कहा, "हमारे बहादुर लड़ाकों ने घमंडी ताकतों (अमेरिका-इजरायल) के हमलों को रोककर उनके देश को बांटने के मंसूबों को नाकाम कर दिया है।"
निष्कर्ष: निर्णायक मोड़ पर युद्ध
मोजतबा खामेनेई के इस पहले बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान की कमान अब एक बेहद सख्त हाथों में है। 'शहीदों का बदला' और 'तेल मार्ग की नाकेबंदी' जैसे बयानों ने मध्य पूर्व के युद्ध को एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहाँ से वापसी की राह कठिन नजर आ रही है।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
