अयातुल्ला खामेनेई को जन्मभूमि मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक; इमाम रज़ा दरगाह के पास दी जाएगी अंतिम विदाई
अमेरिका-इजरायल हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। तेहरान में 3 दिन के विदाई समारोह के बाद इमाम रज़ा दरगाह में दी जाएगी अंतिम विदाई।Puja Sahu
तेहरान/मशहद: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, जो हाल ही में हुए अमेरिका और इजरायली हमलों में मारे गए थे, उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में दफनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। एएफपी (AFP) ने ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि खामेनेई को उत्तर-पूर्वी ईरान के सबसे पवित्र शहरों में से एक, मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
मशहद में अंतिम विश्राम
मशहद न केवल खामेनेई की जन्मस्थली है, बल्कि यह ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर और शिया इस्लाम का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र भी है।
- इमाम रज़ा दरगाह: इसी शहर में प्रसिद्ध इमाम रज़ा की दरगाह स्थित है। खास बात यह है कि खामेनेई के पिता को भी इसी दरगाह के परिसर में दफनाया गया था।
- धार्मिक महत्व: यहाँ हर साल करोड़ों जायरीन (तीर्थयात्री) पहुँचते हैं, जिससे इस स्थान का आध्यात्मिक और रणनीतिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।
विदाई समारोह का कार्यक्रम
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, दफनाने की प्रक्रिया से पहले राजधानी तेहरान में एक विशाल विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा।
- 3 दिन का कार्यक्रम: तेहरान की इमाम खुमैनी मस्जिद में आज रात 10 बजे (ईरानी समयानुसार) से विदाई की प्रक्रिया शुरू होगी, जो तीन दिनों तक चलेगी।
- राष्ट्रीय शोक: खामेनेई ने 36 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया और 86 वर्ष की आयु में इस जंग के दौरान उनकी मृत्यु हुई।
कौन होगा अगला सुप्रीम लीडर?
ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के नाम का ऐलान अंतिम संस्कार के बाद ही किए जाने की उम्मीद है। सत्ता के गलियारों में उत्तराधिकार को लेकर हलचल तेज है:
- वोटिंग की खबरें: रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को पवित्र शहर कोम में 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने नए नेता के चुनाव के लिए गुप्त मतदान किया है।
- असेंबली की भूमिका: इस परिषद में 88 सदस्य होते हैं, जिनके पास देश के सबसे शक्तिशाली पद 'सुप्रीम लीडर' को चुनने का अधिकार होता है।
- युद्ध का साया: एक तरफ जहाँ अंतिम विदाई की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग का सिलसिला लगातार जारी है।
"खामेनेई के बाद ईरान किस दिशा में जाएगा, यह काफी हद तक असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा चुने गए अगले चेहरे पर निर्भर करेगा।"
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