कोयलीबेड़ा जन-आंदोलन: मांगों की अनदेखी पर भड़के ग्रामीण, अंतागढ़ में अनिश्चितकालीन चक्काजाम; थमे वाहनों के पहिये
कांकेर के कोयलीबेड़ा में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 पंचायतों का आंदोलन उग्र। ग्रामीणों ने अंतागढ़ में किया अनिश्चितकालीन चक्काजाम, यातायात पूरी तरह ठप।Puja Sahu
अंतागढ़ : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में पिछले 8 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। शासन-प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की ठोस पहल न होने से नाराज 18 पंचायतों के 68 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को अंतागढ़ में अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया है। इस उग्र कदम के बाद अंतागढ़ के दोनों ओर का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वे कड़कती धूप में पिछले आठ दिनों से कोयलीबेड़ा में शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। आंदोलनकारियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत क्षेत्र के सांसद और विधायक के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
इन 10 प्रमुख मांगों को लेकर अड़े हैं ग्रामीण
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की मांगें सीधे तौर पर क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी हैं:
- क्षेत्र में जिला सहकारी बैंक की स्थापना की जाए।
- ब्लॉक मुख्यालय को पखांजूर से वापस कोयलीबेड़ा स्थानांतरित किया जाए।
- स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की नियुक्ति हो।
- स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना की जाए।
- डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) राशि का प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत उपयोग हो।
- क्षेत्र के जर्जर स्कूलों और आश्रमों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- युवाओं के लिए कॉलेज की स्थापना हो।
- किसानों के लिए समय पर पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
- अंतागढ़-कोयलीबेड़ा सड़क का डामरीकरण जल्द से जल्द हो।
- कोयलीबेड़ा तहसील को अनुभाग अंतागढ़ से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री की अपील– "संवाद से निकलता है समाधान"
इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांति की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर समस्या का समाधान संवाद से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा, "संवाद से समाधान निकलता है। अगर किसी की कोई भी समस्या या मांग है, तो वे उसे सरकार के समक्ष लेकर आएं। हमारी सरकार निश्चित रूप से उन सभी विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।"
समझाइश में जुटा प्रशासन, मौके पर भारी पुलिस बल
अंतागढ़ में चक्काजाम की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। सड़क पर फंसे मुसाफिरों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों और उनके बीच के प्रमुख ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिससे गतिरोध अभी भी बरकरार है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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