महादेव ऐप पर ED का 'सर्जिकल स्ट्राइक': बुर्ज खलीफा से दिल्ली तक ₹1700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क!
महादेव सट्टा ऐप केस में ED की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई। सौरभ चंद्राकर की बुर्ज खलीफा और दिल्ली स्थित ₹1700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क। जानें कैसे हवाला और क्रिप्टो के जरिए फैला था सट्टे का अंतरराष्ट्रीय जाल।Puja Sahu
रायपुर/नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। जांच एजेंसी ने मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों की देश और विदेश में स्थित करीब ₹1700 करोड़ की अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया है।
बुर्ज खलीफा में भी थे 'सट्टे की कमाई' के ठिकाने
ED की इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सट्टेबाजी के पैसे से दुबई की आलीशान इमारतों में निवेश किया गया था। जब्त की गई 20 अचल संपत्तियों में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के फ्लैट्स, लग्जरी विला और बिजनेस बे के आलीशान अपार्टमेंट शामिल हैं। इसके अलावा नई दिल्ली के पॉश इलाकों में भी करोड़ों की संपत्ति पर शिकंजा कसा गया है।
हवाला और क्रिप्टो का 'मायाजाल'
जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध सट्टेबाजी से हुई काली कमाई को खपाने के लिए हवाला और क्रिप्टोकरेंसी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। भारत में कमाया गया पैसा अवैध रास्तों से विदेश भेजा गया और वहां बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।
अब तक की कार्रवाई के मुख्य आंकड़े:
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कुल जब्त संपत्ति: ₹1,700 करोड़ (दुबई और दिल्ली)।
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छापेमारी: देशभर में 175 से ज्यादा ठिकानों पर एक्शन।
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गिरफ्तारी: अब तक 13 आरोपी सलाखों के पीछे।
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कुल आरोपी: चार्जशीट में अब तक 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी
ED के सूत्रों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया था जो भारत के मध्यम वर्ग को सट्टे के जाल में फंसाकर अरबों रुपये लूट रहा था। एजेंसी अब इस पूरे 'इंटरनेशनल सिंडिकेट' को जड़ से खत्म करने के लिए विदेशी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। "यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। अवैध सट्टेबाजी से अर्जित पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा और विदेश में बैठी मछलियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।" — प्रवर्तन निदेशालय
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