अमेरिका और इजराइल का ईरान पर भीषण हमला, दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड को बनाया निशाना
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर! अमेरिका और इजराइल ने ईरान के सबसे बड़े 'साउथ पार्स' गैस फील्ड और ऊर्जा ठिकानों पर किया भीषण हवाई हमला। IRGC की खाड़ी देशों को चेतावनी और वैश्विक तेल संकट की आहट। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।Puja Sahu
तेहरान/तेल अवीव: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक और अनियंत्रित मोड़ पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और इजराइल की वायुसेना ने ईरान के ऊर्जा नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए उसके सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।
साउथ पार्स गैस फील्ड पर एयरस्ट्राइक
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, हमला दक्षिणी ईरान के असालुयेह शहर और उसके आसपास के इलाकों में हुआ है। सबसे अधिक नुकसान साउथ पार्स गैस फील्ड को पहुँचाने की कोशिश की गई है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है।
- निशाना: गैस प्लांट, पेट्रोकेमिकल इकाइयां और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर।
- पुष्टि: इजराइली मीडिया ने भी बुशेहर क्षेत्र में स्थित इन गैस सुविधाओं पर सटीक हमले की पुष्टि की है।
इजराइल के रक्षा मंत्री ने हमले से कुछ समय पहले ही चेतावनी दी थी कि आज ईरान और लेबनान में 'बड़े सरप्राइज' देखने को मिलेंगे। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्ट्राइक उसी रणनीति का हिस्सा है।
ईरान की चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया खतरा
इस हमले के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। IRGC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के नागरिकों को उनके प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि खाड़ी देशों की जमीन या हवाई क्षेत्र का उपयोग उसके खिलाफ किया गया, तो वह पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों को मटियामेट कर देगा। इस बीच, कतर ने ईरान के गैस फील्ड पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
साउथ पार्स पर हमला केवल ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी बड़ा झटका है। विशेषज्ञों का मानना है कि:
- कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
- सप्लाई चेन: जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से समुद्री व्यापार बाधित हो सकता है।
- क्षेत्रीय अस्थिरता: ईरान के जवाबी हमले की धमकी ने खाड़ी देशों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
यह हमला ईरान की आर्थिक रीढ़ पर सीधा प्रहार है। यदि ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो यह संघर्ष एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
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