न्यूजीलैंड ने ठुकराया डोनाल्ड ट्रंप का प्रस्ताव: 'शांति बोर्ड' में शामिल होने से किया इनकार
न्यूजीलैंड सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित 'शांति बोर्ड' में शामिल होने से इनकार कर दिया है। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड इस बोर्ड के वर्तमान स्वरूप का हिस्सा नहीं बनेगा।Puja Sahu
वेलिंगटन : न्यूजीलैंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'शांति बोर्ड' में शामिल होने के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। न्यूजीलैंड ने स्पष्ट किया है कि वह मौजूदा परिस्थितियों में इस पहल का हिस्सा नहीं बनेगा।
प्रधानमंत्री लक्सन का रुख
आरएनजेड (RNZ) रेडियो स्टेशन की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस विषय पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने बोर्ड के "वर्तमान स्वरूप" की समीक्षा करने के बाद इसमें शामिल न होने का निर्णय लिया है।
विदेश मंत्री का बयान
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इस फैसले के पीछे का तर्क देते हुए कहा कि चूंकि कई देश पहले ही इस पहल में शामिल हो चुके हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि इस मंच पर "न्यूजीलैंड कोई विशेष या अलग योगदान नहीं दे पाएगा।"
क्या है यह 'शांति बोर्ड'? बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने इसी वर्ष 16 जनवरी को इस शांति बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। इस बोर्ड में कई दिग्गज वैश्विक नाम और अमेरिकी प्रशासन के महत्वपूर्ण चेहरे शामिल हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- मार्को रुबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री
- स्टीव विटकॉफ: ट्रंप के विशेष दूत
- टोनी ब्लेयर: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
- जेरेड कुशनर: डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार
- अजय बंगा: विश्व बैंक के अध्यक्ष
- रॉबर्ट गैब्रियल: अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
ट्रंप ने इस बोर्ड के लिए रूस और बेलारूस सहित दुनिया के कई अन्य नेताओं को भी आमंत्रित किया है। इस बोर्ड का उद्देश्य वैश्विक संघर्षों को सुलझाना बताया गया है, हालांकि न्यूजीलैंड के इस कदम ने बोर्ड की सर्वव्यापकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
