NEPAL UPDATE : नेपाल में बाढ़ से तबाही, कैलाश मानसरोवर यात्री फंसे,400 से ज्यादा यात्री-ट्रेकर्स लापता
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में 133 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत 400 से ज्यादा यात्रियों और ट्रेकर्स के लापता होने की सूचना है।Bhupesh Tandiya
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में 133 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत 400 से ज्यादा यात्रियों और ट्रेकर्स के लापता होने की सूचना है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की बताई जा रही है।
बाढ़ सुबह करीब 8:30 से 9:15 बजे के बीच आई। तेज बहाव के कारण नेपाल-चीन सीमा पर स्थित मितेरी पुल बह गया और कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का संपर्क टूट गया। आपदा से करीब 40 किलोमीटर सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि 19 पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
विदेशी पर्यटक लापता
लापता विदेशी नागरिकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ पर्यटकों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, ऐसे में लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
घटना के बाद नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। ट्रैवल एजेंसियों की मदद से लापता यात्रियों की जानकारी जुटाकर उनकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
नेपाल सेना के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभावित बुसी और तुसु इलाकों से अब तक 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत अभियान को तेज करने के लिए 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। इनमें सात नेपाली सेना के हैं, जबकि अन्य सशस्त्र पुलिस बल और निजी ऑपरेटरों के हेलीकॉप्टर हैं।
घायलों के उपचार के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में अस्थायी मेडिकल सेंटर बनाया गया है। काठमांडू से अतिरिक्त सैन्य और मेडिकल टीमों को भी रसुवा भेजा गया है। इससे पहले 95 शव मिलने और 33 सुरक्षाकर्मियों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। नुकसान और हताहतों का अंतिम आंकड़ा जुटाने का काम जारी है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 384 से ज्यादा तीर्थयात्री, जिनमें 133 से अधिक भारतीय शामिल हैं, सीमा पार करने के लिए पहुंचने के बाद संपर्क से बाहर हैं। रसुवागढ़ी-केरुंग मार्ग, जो कैलाश मानसरोवर जाने वाले सबसे लोकप्रिय और किफायती निजी मार्गों में से एक है, फिलहाल पूरी तरह बंद है। पुल और सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ ही फाइबर तथा मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से नेपाल-चीन के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। त्रिशूली नदी पर बने छह से अधिक पुलों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी है। वहीं, चितवन-पोखरा को जोड़ने वाला पृथ्वी राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है।
ट्रेकिंग एजेंसियों के संगठन TAAN ने नेपाल के विदेश मंत्रालय और चीनी दूतावास से तातोपानी, कोरोला और हिल्सा जैसे वैकल्पिक सीमा मार्ग खोलने तथा वीजा प्रक्रिया आसान बनाने की अपील की है।
पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू होने पर नेपाल को इस वर्ष करीब 25 हजार भारतीय तीर्थयात्रियों के पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला के जरिए विदेश मंत्रालय की आधिकारिक यात्रा पर इस आपदा का असर नहीं पड़ा है। फिलहाल नेपाल के रास्ते संचालित होने वाली निजी यात्रा सेवा प्रभावित हुई है।
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