वेदांता हादसे पर PCC चीफ दीपक बैज का हमला, “लापरवाही से गईं 20 जानें, जिम्मेदार कौन?” सरकार पर उठाए सवाल; कहा– FIR दबाने की कोशिश
रायपुर : सक्ति जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बैज ने कहा कि इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी हैBhupesh Tandiya
रायपुर : सक्ति जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बैज ने कहा कि इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक हादसों का यह पहला मामला नहीं है और भाजपा सरकार बनने के बाद से इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
दीपक बैज ने दावा किया कि पिछले ढाई साल में औद्योगिक हादसों में 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट का निरीक्षण करने के बाद कहा कि वहां की स्थिति बेहद भयावह है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
बैज ने प्लांट की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों से जमीन लेकर प्लांट बनाया गया, लेकिन 10-11 साल तक इसका संचालन नहीं हुआ। सालभर पहले ही वेदांता कंपनी ने इसे खरीदा और शुरू किया। उनका आरोप है कि प्लांट की कमीशनिंग सही तरीके से नहीं की गई और पुरानी व जंग लगी मशीनरी के साथ संचालन शुरू कर दिया गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि घटना के बाद कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। कांग्रेस के दबाव में FIR तो दर्ज की गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया और अब ऑनलाइन भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस इस मामले में सक्रिय नहीं होती तो सरकार इसे दबाने की कोशिश करती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपक बैज ने सरकार से कई गंभीर सवाल भी पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है, क्या बॉयलर सेफ्टी नियमों का पालन हुआ, प्रेशर गेज और पानी के स्तर की जांच की गई या नहीं। इसके अलावा उन्होंने सेफ्टी वॉल्व, फ्यूल, डिजाइनिंग, मटेरियल, वेल्डिंग और ऑपरेटर की भूमिका की भी जांच की मांग की।
बैज ने कहा कि सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे प्रदेश की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और घायलों के बेहतर इलाज की जरूरत है। महंत ने सुझाव दिया कि गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को बाहरी राज्यों के बर्न यूनिट में शिफ्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने पिछली विधानसभा का हवाला देते हुए कहा कि ओपी चौधरी ने बताया था कि तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में 296 लोग औद्योगिक दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं, जो चिंता का विषय है। महंत ने आरोप लगाया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सामान्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है, जिससे उन्हें आसानी से जमानत मिल सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि दोषियों पर गैर-जमानती धाराओं, विशेष रूप से BNS की धारा 105 के तहत कार्रवाई हो। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में कराने और न्यायिक जांच की आवश्यकता जताई। महंत ने कहा कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जानी चाहिए।
इस लेख को शेयर करें
टिप्पणियां (0)
टिप्पणी करने के लिए लॉग इन करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
पहले टिप्पणी करने वाले बनें!
