बड़ा हादसा : सक्ती वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर विस्फोट, 12 मजदूरों की मौत, कई घायल, PM ने भी जताया शोक
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। अचानक हुए धमाके के बाद प्लांट परिसर में आग और घनाBhupesh Tandiya
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। अचानक हुए धमाके के बाद प्लांट परिसर में आग और घना धुआं फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास मौजूद श्रमिक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दर्दनाक हादसे में 10 मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि करीब 30 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ मच गई थी। कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। राहत टीम ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बॉयलर फटना हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही असली कारण स्पष्ट हो सकेगा।
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने से यह हादसा हुआ है। अब तक 12 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि 10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अभी भी प्लांट के भीतर फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने का प्रयास जारी है।
वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर बॉयलर यूनिट में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी प्रभावित हुए। कंपनी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है और वे प्रशासन व चिकित्सा टीमों के साथ लगातार समन्वय में हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और इस कठिन समय में वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं।
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