बस्तर में विकास का नया सूर्योदय, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया 'बस्तर पंडुम' का भव्य आगाज़
जगदलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 3 दिवसीय 'बस्तर पंडुम' का भव्य उद्घाटन किया। उन्होंने बस्तर में माओवाद के खात्मे और विकास के नए सूर्योदय की सराहना करते हुए युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ की आत्मा बताया, जिसमें इस वर्ष 52,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है।Puja Sahu
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक वैभव और जनजातीय गौरव का प्रतीक ‘बस्तर पंडुम-2026’ आज से जगदलपुर में शुरू हो गया। तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक महाकुंभ का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना की और क्षेत्र में शांति बहाली को विकास का आधार बताया।
माओवाद का अंधेरा छंटा, विकास की किरणें पहुंचीं
जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बस्तर पिछले चार दशकों से माओवाद के दंश से जूझ रहा था, जिसका सबसे अधिक खामियाजा यहाँ के युवाओं और आदिवासियों को भुगतना पड़ा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई के कारण अब डर और अविश्वास का वातावरण समाप्त हो गया है।
राष्ट्रपति ने कहा:
"आज बस्तर में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। जो लोग भटक कर हिंसा के रास्ते पर चले गए थे, वे अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हथियार छोड़ने वाले लोग गरिमापूर्ण और सामान्य जीवन जी सकें।"
बंद स्कूलों में फिर बजी घंटी, गांव-गांव पहुंची बिजली
राष्ट्रपति ने बस्तर की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि आज गांव-गांव में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। वर्षों से बंद पड़े स्कूल फिर से खुल रहे हैं और बच्चे शिक्षा के जरिए अपना भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने वालों से अपील की कि वे लोकतंत्र और देश के संविधान में अटूट विश्वास रखें।
"मैं भी एक छोटे गांव की बेटी हूं" – राष्ट्रपति का भावुक संबोधन
अपनी व्यक्तिगत यात्रा को साझा करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि ओडिशा के एक छोटे से गांव की बेटी आज देश के सर्वोच्च पद से उन्हें संबोधित कर रही है। उन्होंने आदिवासियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, "आप लोगों में मुझसे भी अधिक साहस और शक्ति है। सरकार आपके विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है।"
बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की आत्मा और विश्व रिकॉर्ड की ओर कदम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन इस क्षेत्र के लिए एक बड़े आशीर्वाद के समान है।
सीएम साय ने इस आयोजन की भव्यता पर प्रकाश डालते हुए बताया:
- रिकॉर्ड तोड़ सहभागिता: पिछले वर्ष इस आयोजन में 47 हजार लोगों ने हिस्सा लिया था, जो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। इस वर्ष उत्साह और अधिक है और अब तक 52 हजार से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं।
- हथियार की जगह संस्कृति: सीएम ने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की गूँज सुनाई देती थी, आज वहां स्कूल की घंटियाँ और राष्ट्रगान गूंज रहा है।
- सांस्कृतिक मंच: बस्तर पंडुम बस्तर के स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक विशाल मंच प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि "बस्तर पंडुम" केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आत्मा है, जो यह संदेश देता है कि अब बस्तर के लोग हिंसा नहीं बल्कि विकास और अपनी समृद्ध परंपराओं को अपनाना चाहते हैं।
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