छत्तीसगढ़: नगरीय निकायों के लिए 104.54 करोड़ रुपये जारी, शहरों में थमेगा नहीं विकास कार्यों का पहिया
छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों के लिए ₹104.54 करोड़ की महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि जारी की। उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मंजूरी के बाद शहरों में शुरू होंगे विकास कार्य।Puja Sahu
रायपुर : छत्तीसगढ़ के शहरों में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकायों के लिए महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के तहत कुल 104.54 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है।
इस राशि का उपयोग सीधे तौर पर शहरों के मूलभूत विकास कार्यों, जनसुविधाओं के विस्तार और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किया जाएगा।
दो प्रमुख हिस्सों में आवंटित हुई राशि
विभाग द्वारा जारी किए गए बजट को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है:
- महापौर और अध्यक्ष निधि: विकास कार्यों को गति देने के लिए इसकी प्रथम किस्त के रूप में 31.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- पार्षद निधि: जमीनी स्तर पर वार्डों के विकास के लिए निकायों को 73.38 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है।
किस निकाय को कितनी मिली राशि?
राज्य के अलग-अलग स्तर के नगरीय निकायों को उनकी आवश्यकता और नियम के अनुसार बजट का आवंटन किया गया है, जो इस प्रकार है:
नगरीय निकाय का प्रकार संख्या आवंटित राशि
- नगर निगम (महापौर निधि) – 14 – ₹10.12 करोड़
- नगर पालिका (अध्यक्ष निधि) – 57 – ₹11.06 करोड़
- नगर पंचायत (अध्यक्ष निधि) – 121 – ₹9.97 करोड़
स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस राशि के जारी होने से पार्षदों, अध्यक्षों और महापौरों को अपने-अपने क्षेत्रों में पक्की सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट्स, पेयजल व्यवस्था और पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे जनहित के कार्यों को तुरंत शुरू कराने में मदद मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस बात पर जोर दिया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम जनता को इन योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
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