रायपुर में देर रात सीएम हाउस में बड़ी बैठक: पांच घंटे तक मथानी, मंत्रियों को अचानक बुलाया; कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर लगा विराम
रायपुर में सीएम हाउस में गुरुवार देर रात 5 घंटे तक हाई लेवल मैराथन बैठक चली। दौरे पर गए मंत्रियों को अचानक बुलाए जाने से सियासी हलचल तेज हुई, हालांकि मंत्रियों ने इसे कैबिनेट फेरबदल की अटकलों से परे एक रूटीन बैठक बताया।Puja Sahu
रायपुर : राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास पर गुरुवार देर रात एक हाई लेवल मैराथन बैठक आयोजित की गई। करीब पांच घंटे तक चली इस अचानक बुलाई गई बैठक से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। बैठक में मुख्यमंत्री साय के अलावा कैबिनेट के सभी मंत्री और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि बैठक की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश और प्रदेश से बाहर दौरे पर गए कई मंत्रियों को भी तत्काल रायपुर तलब किया गया था। देर रात करीब 2 बजे जब बैठक समाप्त हुई, तो कयासों का बाजार गर्म था। हालांकि, बैठक से बाहर निकले उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने इसे एक नियमित (रूटीन) समीक्षा बैठक बताया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा— 'कैबिनेट फेरबदल पर कोई चर्चा नहीं'
बैठक खत्म होने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंत्रिमंडल में फेरबदल की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "इस तरह की बैठक पहली बार नहीं हुई है। सत्ता और संगठन के बीच हर तीन महीने में ऐसी बैठकें होती हैं।" उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर रणनीति बनाई गई है और मंत्रियों-विधायकों को उनके प्रभार वाले क्षेत्रों में दौरों की जिम्मेदारी दी गई है।
पीएम मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल और आगामी चुनावों पर मंथन
दूसरे उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक के एजेंडे पर बात करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई एक रूटीन बैठक थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक ले जाने और इसके लिए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही आगामी चुनावों को लेकर भी संगठन स्तर पर रणनीति तैयार की गई।
"सब मुस्कुराइए, छत्तीसगढ़ सेफ है"
बैठक के बाद जब मीडिया ने कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम से सवाल किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा— "सब मुस्कुराइए, सब सेफ है और छत्तीसगढ़ सेफ है।" उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक हलकों में लगाई जा रही सभी तरह की अटकलें पूरी तरह से निराधार हैं।
मंत्रियों के कामकाज की हुई समीक्षा
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस मैराथन बैठक में सभी मंत्रियों और विधायकों के कार्यों की जमीनी समीक्षा की गई। इसमें मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों के दौरे, जनता से जुड़े कार्यक्रम और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति शामिल रही।
भले ही सरकार और संगठन के नेताओं ने इसे एक नियमित और सामान्य बैठक करार दिया हो, लेकिन जिस तरह से दौरों पर गए मंत्रियों को अचानक वापस बुलाकर आधी रात को पांच घंटे तक मंथन किया गया, उसने राज्य की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। फिलहाल, मंत्रियों के बयानों से यह साफ है कि संगठन का पूरा फोकस अब आगामी कार्यक्रमों और जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने पर है।
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