उत्तम नगर हत्याकांड: राहुल गांधी का बीजेपी पर तीखा हमला, कहा- 'नफरत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंक रही भाजपा'
दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण हत्याकांड पर राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 'नफरत के तवे पर हिंसा की रोटी' सेंक रही है। वहीं, विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की है।Puja Sahu
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर में हुए तरुण हत्याकांड ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए कहा कि बीजेपी का 'इकोसिस्टम' देश में नफरत फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहा है।
"बीजेपी चाहती है हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे देश"
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है। उन्होंने कहा:
"एक तरफ तरुण जैसे जवान लड़के की जान चली गई, तो दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीड़न का सामना कर रहा है। जनता को और खून-खराबा नहीं चाहिए। यह केवल बीजेपी और उसका इकोसिस्टम है जो नफरत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने का मौका ढूंढता है।"
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर देश को सांप्रदायिक मुद्दों में उलझाए रखना चाहती है ताकि जनता प्रधानमंत्री से देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता जैसे महत्वपूर्ण सवाल न पूछ सके। उन्होंने दिल्लीवासियों से शांति बनाए रखने और किसी के बहकावे में न आने की अपील करते हुए 'भारत जोड़ो' का नारा बुलंद किया।
गृह मंत्री अमित शाह को सांसदों की चिट्ठी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद समेत विपक्षी दलों के कई सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में दिल्ली की कानून-व्यवस्था और मुस्लिम समुदाय को दी जा रही धमकियों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
पत्र के मुख्य बिंदु:
- असुरक्षा का माहौल: सांसद जावेद ने लिखा कि उत्तम नगर में भड़काऊ नारों और नफरत भरी सामग्री के कारण एक विशेष वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
- पुलिस की भूमिका पर सवाल: पत्र में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे 'अपर्याप्त और चुनिंदा' बताया गया है। सांसदों का कहना है कि खुलेआम धमकियां मिलने के बावजूद पुलिस की सुस्ती से कानून के राज पर जनता का भरोसा कम हो रहा है।
- जवाबदेही तय करने की मांग: विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री से मांग की है कि इस स्थिति का तुरंत संज्ञान लिया जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में हुई किसी भी चूक के लिए जवाबदेही तय की जाए।
विपक्ष की मांग: सख्त कार्रवाई और सुरक्षा
मोहम्मद जावेद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि पुलिस को उन लोगों के खिलाफ सख्त निर्देश दिए जाने चाहिए जो स्थिति को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और पुलिस की अब तक की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा हो ताकि स्थानीय नागरिकों में विश्वास बहाल किया जा सके।
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