रायपुर की बेटी वैभवी अग्रवाल ने बढ़ाया मान: UPSC में हासिल की 35वीं रैंक, मां के बिना तय किया सफलता का सफर
UPSC 2025 Result: रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने सिविल सर्विस परीक्षा में 35वीं रैंक हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। संघर्षों को मात देकर और बिना मां के साये के, वैभवी ने तीसरे प्रयास में यह मुकाम पाया। पढ़ें उनकी सफलता का मूलमंत्र और पूरी इंस्पायरिंग कहानी।Puja Sahu
रायपुर : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बेटी वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देशभर में 35वीं रैंक हासिल की है। वैभवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम गौरवान्वित हुआ है।
"मेहनत ही सफलता का एकमात्र मूलमंत्र"
अपनी इस शानदार सफलता पर 'लल्लूराम डॉट कॉम' से खास बातचीत करते हुए वैभवी ने कहा, "मेरी सफलता का सिर्फ एक ही मूलमंत्र है—कठोर मेहनत। मैंने फल की चिंता किए बगैर पिछले तीन सालों तक निरंतर प्रयास किया, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।"
बाधाओं को बनाया सीढ़ी: तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी
वैभवी के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले दो बार वह परीक्षा दे चुकी थीं, लेकिन पिछली बार इंटरव्यू में मात्र दो नंबरों से चूक गई थीं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों पर काम करना जारी रखा।
पढ़ाई की रणनीति: क्या पढ़ें और क्या छोड़ें?
तैयारी के तरीके पर बात करते हुए वैभवी ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए:
- नियमितता: वैभवी रोजाना 5 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई में ब्रेक केवल तभी आया जब तबीयत खराब हुई हो या कोई अत्यंत जरूरी काम पड़ा हो।
- सही चयन: बाजार में किताबों के ढेर के बीच "क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है" का सही चुनाव करना सबसे जरूरी है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: वैभवी ने जटिल विषयों को समझने के लिए यूट्यूब (YouTube) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सकारात्मक उपयोग किया।
भावुक कर देने वाला संघर्ष: बचपन में ही उठ गया था मां का साया
वैभवी की सफलता इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "बचपन से मां नहीं है, इसलिए इस मुकाम तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन जब आपका लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी कठिनाई आपको रोक नहीं सकती। सफलता समय मांगती है और इसके लिए जीवन के कई साल झोंकने पड़ते हैं।"
वैभवी ने अपनी जीत का श्रेय अपने परिवार के अटूट सहयोग और समर्पण को दिया है। आज उनकी इस उपलब्धि पर पूरा रायपुर जश्न मना रहा है।
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